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रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

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संत मार्था, प्रवचन

ख्रीस्तीय अपने दुश्मनों से प्रेम करते एवं उनके लिए प्रार्थना करते हैं

19/06/2018 17:04

संत मती रचित सुसमाचार से लिए गये पाठ पर चिंतन करते हुए संत पापा ने कहा कि मानवीय दुर्बलताओं के बीच हमें पिता के उदाहरणों पर चलना है जो सभी से प्रेम करते हैं और चुनौती देते हैं कि ख्रीस्तीय अपने शत्रुओं से लिए प्रार्थना करें एवं उनके प्रेम हेतु अपने को समर्पित करें।

 

SS. Francesco - Messa Domus Sanctae Marthae 18-06-2018

निवास संत मार्था के प्रार्थनालय में पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान करते हुए संत पापा

संत पापा ने तानाशाहियों के "बदनाम संचार" की निंदा की

18/06/2018 17:14

मीडिया और संचार कानून को एक कंपनी या एक समूह को सौंपी गई संपूर्ण संचार प्रणाली को नियंत्रित करता है जो निंदा और झूठ के साथ लोकतांत्रिक जीवन को भी कमजोर करता है। 

 

Messa Domus Sanctae Marthae 14-06-2018

संत मर्था में ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा

महिलाओं का शोषण ईश्वर के विरूद्ध पाप है

16/06/2018 14:42

वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में शुक्रवार 15 जून को ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए संत पापा ने आधुनिक युग में महिलाओं पर हो रहे शोषण पर चिंतन किया जिनके साथ वस्तु की तरह व्यवहार किया जाता है। 

 

SS. Francesco - Messa Domus Sanctae Marthae 11-06-2018

संत मार्था के प्रार्थनालय में पवित्र यूखरिस्त समारोह का अनुष्ठान करते हुए संत पापा फ्राँसिस

पवित्र आत्मा सुसमाचार की घोषणा का "नायक" है, संत पापा फ्राँसिस

11/06/2018 16:14

पवित्र आत्मा सुसमाचार की घोषणा का "नायक" है, यह कुछ विचारों के सरल "प्रचार" या "प्रसारण" का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, लेकिन यह एक गतिशील आंदोलन है जो "दिल बदलने" में सक्षम है।

 

ईश्वर का प्रेम केवल शब्दों में नहीं किन्तु ठोस कार्य से प्रकट होता है

09/06/2018 14:52

ईश्वर का प्रेम असीम है। इन्हीं शब्दों पर संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को येसु के पवित्र हृदय महापर्व के उपलक्ष्य में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में चिंतन केंद्रित किया।   

 

जीवन में येसु से प्रथम मुलाकात की याद का महत्व

07/06/2018 16:43

वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में बृहस्पतिवार 7 जून को, ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि ख्रीस्तीय जीवन में आगे जाने के लिए हमें येसु से प्रथम मुलाकात को याद करना चाहिए।