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धार्मिक नेताओं द्वारा ड्यूटेरटे के साथ बातचीत करने की इच्छा

फिलीपीन के राष्ट्रपति रोड्रिगो ड्यूटेरटे - AP

02/07/2018 17:03

मनिला, सोमवार 2 जुलाई 2018 (उकान) : कलीसिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, फिलीपीन के राष्ट्रपति रोड्रिगो ड्यूटेरटे को देश के धार्मिक नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात करनी चाहिए और प्रतिनिधियों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की सार्वजनिक मामलों की समिति के कार्यकारी सचिव फादर जेरोम सिकिलानो ने कहा कि राष्ट्रपति के साथ "सीधा वार्ता" बेहतर होगा।

इस हफ्ते के शुरुआती दिनों में, ड्यूटेरटे ने कलीसियाओं के नेताओं से बात करने के लिए चार व्यक्तियों की एक टीम का नाम दिया, जिससे उनके द्वारा ईश्वर, ख्रीस्तीय धर्म और कलीसिया के खिलाफ किए गए हाल के निंदा-भाषण के विवादों को खत्म किया जा सके।

फादर ने कहा कि बैठक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष, दावाओ के महाधर्माध्यक्ष रोमुलो वल्लेस और ड्यूटेरटे के बीच होनी चाहिए।

राष्ट्रपति जो दावाओ के दक्षिणी फिलीपीन शहर से हैं, ने दावा किया है कि महाधर्माध्यक्ष उनके दोस्त हैं और यहां तक कि उन्होंने ड्यूटेरटे के पोते को भी बपतिस्मा दिया है।

फादर सिकिलानो ने कहा कि राष्ट्रपति के साथ बैठक बेहतर होगा क्योंकि यदि कोई प्रतिनिधि कुछ कहता है तो  ड्यूटेरटे आसानी से अर्थ बदल सकते हैं। "लेकिन अगर बैठक में राष्ट्रपति जो कुछ कहते है ... उसकी जिम्मेदारी खुद को लेना होगा।"

28 जून को, फादर सिकिलानो ने काथलिक धर्माध्यक्षों के साथ बात करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक संदेशवाहक पादरी बॉय सयाकॉन से मुलाकात की। पादरी बॉय सयाकॉन ने कहा कि वार्ता का उद्देश्य "कलीसिया को  समझना" और ड्यूटेरटे के घोषणाओं की "सहिष्णुता" तलाशना है।

पादरी सयाकॉन ने कहा, "(राष्ट्रपति) उनके शब्दों से नाराज हैं।"

उन्होंने कहा,"क्योंकि कलीसिया एक क्षमाशील कलीसिया है और ईश्वर क्षमा करने वाले ईश्वर हैं। इन्हीं चीजों पर हम चर्चा करेंगे।"

पादरी सयाकॉन ने फादर सिकिलानो से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि ड्यूटेरटे बातचीत में भाग ले सकते है। "बैठक में उपस्थित होने की संभावना बहुत अधिक है।"

पिछले हफ्ते ईश्वर के खिलाफ ड्यूटेरटे की चौंकाने वाली टिप्पणी ने विभिन्न कलीसिया के नेताओं और समूहों को नाराज किया था।

राष्ट्रपति के प्रवक्ता हैरी रोक जूनियर ने हालांकि कहा कि राष्ट्रपति के निंदा-भाषण केवल काथलिक कलीसिया के नेताओं द्वारा उनके खिलाफ की गई आलोचनाओं के जवाब में थे।


(Margaret Sumita Minj)

02/07/2018 17:03