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सीरिया के ख्रीस्तीय और मुसलमान के लिए एक-दूसरे के दुःख में भविष्य की आशा

सीरियाई शरणार्थी भोजन करते हुए - AFP

30/06/2018 14:30

दमिश्क, शनिवार, 30 जून 2018 (एशियान्यूज)˸ ख्रीस्तीयों एवं मुसलमानों द्वारा एक  भोज में भाग लेना, उनके लिए एक अवसर बन गया, जहाँ उन्होंने युद्ध, पीड़ा और विभाजन के अपने अनुभवों को साझा किया तथा पाया कि विभिन्न धर्मों का कोई भी परिवार युद्ध की चपेट से नहीं बच सका।

करीतास सीरिया के प्रमुख पत्रकार सांद्रा अवाद ने एशियान्यूज से बातें करते हुए कहा कि एक साथ भोज में भाग लेना, एक अवसर बन गया जिसमें परिवारों को खोजा और खंडहर से सेतु निर्माण हेतु मेल-मिलाप की एक यात्रा शुरू की जा सके। इस तरह उस शांति को प्राप्त किया जा सके जो हृदय की गहराई से प्राप्त होती है।

40 वर्षीय सांद्रा जो दो बच्चों की माँ हैं, अंतरराष्ट्रीय करीतास द्वारा जारी पहल "साझा यात्रा" के संदर्भ में कहा कि यह देश के लिए एक बड़ी चुनौती है जहाँ आठ सालों से युद्ध जारी है किन्तु इसने "मेल-मिलाप" पर कभी अपनी आशा नहीं छोड़ा जो जानता है कि पूरे देश को किस तरह आलिंगन करना है।    

उन्होंने बतलाया कि जब उन्हें कारीतास अंतरराष्ट्रीय से "यात्रा साझा करें" के नये अभियान पर ईमेल प्राप्त हुआ जो स्थानीय समुदायों को शरणार्थियों का स्वागत करने एवं नये समाज में शामिल करने का प्रोत्साहन देता है, वे उसे पाकर असमंजस में पड़ गये, यह सोचकर कि सीरिया में इस अभियान को किस तरह लागू किया जा सकता है? उसके किस भाग को मेजबान समझा जा सकता है? उन्होंने कहा कि सीरिया के अंदर शरणार्थी नहीं हैं। यद्यपि अधिकतर लोग विस्थापित हो चुके हैं तथापि यह एक पीड़ित समाज है जो युद्ध के कारण लम्बे समय से दुःख झेल रहा है और इस दुःख से कोई भी परिवार अछूता नहीं है।

उन्हें लगा कि सीरिया के अंदर यह अभियान उनके लिए सुविधाजनक नहीं थी अतः वे उस अभियान के तहत शऱणार्थियों के साथ साझा भोज के लिए बिलकुल उत्साहित नहीं थे किन्तु करीतास अंतरराष्ट्रीय के निमंत्रण पर उन्होंने इस भोज का आयोजन किया जिसमें सभी धर्मों के लोग निमंत्रित थे। इसे 23 जून को ऑर्थोडॉक्स कलीसिया के क्रूस गिरजाघर के एक सभागार में आयोजित किया गया। इस भोज में सहभागी होने के लिए काथलिक कलीसिया के कई धर्माध्यक्षों एवं पुरोहितों को भी निमंत्रित किया गया था।

सांद्रा ने कहा, "हमें इस आयोजन को लेकर काफी चिंता थी। सवाल उठ रहे थे कि ऑर्थोडॉक्स कलीसिया में निमंत्रण देने पर काथलिक धर्माध्यक्षों की क्या प्रतिक्रिया होगी? अन्य प्रतिभागी एक-दूसरे से किस तरह का व्यवहार करेंगे? सीरियाई समाज में मुस्लिम, ख्रीस्तीय, अलावाईट एवं द्रूज आदि सभी मिश्रित लोग हैं। हम एक ऐसे देश को लोग हैं जिन्होंने आठ वर्षों से युद्ध का सामना किया है। लोगों के बीच विभाजन एवं दूरी बढ़ चुकी है। पूर्व एवं पश्चिम तथा शहर एवं गाँवों के लोगों में दूरी है। सबके लिए दुःख है तथा सबके हृदय में दर्द एवं घृणा भरा है।

अंततः करीतास द्वारा "यात्रा साझा करें" अभियान का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया, जिसे "मेल-मिलाप" की संज्ञा दी गयी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन करीतास सीरिया के लिए सीरिया में टूटे सेतु को जोड़ने एवं हृदय की गहराई में जाकर पूरे देश में शांति स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का पहला कदम है।


(Usha Tirkey)

30/06/2018 14:30