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विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

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संत पापा फ्राँसिस \ प्रेरितिक यात्रा

ईश्वर की सहायता से हम एकता में मजबूत हो सकें, संत पापा

कलीसियाओं की विश्व परिषद के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते संत पापा - REUTERS

21/06/2018 16:41

संत पापा फ्राँसिस ने कलीसियाओं की विश्व परिषद की सभा एवं अकादमिक प्रशिक्षण केंद्र बोस्सी में एक उपहार अर्पित किया। उपहार में उन्होंने एक मेडल अर्पित किया जिसके बीच में प्राचीन मठ का मध्ययुगीन टावर और गिरजाघर है उसके चारों ओर लातीनी भाषा में ख्रीस्तीय एकतावर्धक तीर्थयात्रा का आदर्श वाक्य लिखा है, "एक साथ चलना, प्रार्थना करना, काम करना।"  

संत पापा फ्राँसिस ने 21 जून को एक ट्वीट प्रेषित कर ख्रीस्तीस्तीय एकता में बढ़ने हेतु प्रोत्साहन दिया। उन्होंने लिखा, "एक साथ प्रार्थना करना, एक साथ चलना, एक साथ काम करना, यही हमें ख्रीस्तीय एकता की ओर ले सकता है।" 

ख्रीस्तीय एकता प्रार्थना समाप्त कर संत पापा फ्राँसिस ने अंतर-कलीसियाई संस्थान बोस्से की ओर प्रस्थान किया। जहाँ उन्होंने अपना दोपहर का भोजन कलीसियाओं की विश्व परिषद के प्रतिनिधियों के साथ किया। अंतर-कलीसियाई संस्थान बोस्से, कलीसियाओं की विश्व परिषदों की बैठक, संवाद और प्रशिक्षण हेतु एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र है। यह जिनेवा से 25 किमी दूर वर्सोक्स और न्योन के झील के किनारे कस्बों के बीच, ग्रामीण इलाकों में बोस्से दुर्ग (अठारहवीं शताब्दी) में स्थित है। मध्ययुग से ही इस छोटे क्षेत्र को अपने खास ख्रीस्तीय इतिहास के कारण स्थानीय लोगों के द्वारा "पवित्र भूमि" के रूप में जाना जाता है। 1946 में स्थापित, बोस्से संस्थान पारिस्थितिकता, अकादमिक अध्ययन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए आम हित में विभिन्न कलीसियाओं, संस्कृतियों और पृष्ठभूमि के लोगों को एक साथ लाता है।

दोपहर करीब 15.45 बजे संत पापा फ्राँसिस ख्रीस्तीय एकता सभा हेतु कार द्वारा बोस्से संस्थान से 17 किलो मीटर दूर अंतर कलीसाई एकता केंद्र विस्सेर टी हूफ्ट सभागार पहुँचे। सभागार में डब्लूसीसी के केंद्रीय प्रतिनिधि, नागरिक अधिकारी और संत पापा के साथ आये प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभा की शुरूआत प्रार्थना द्वारा की गयी। संत पापा ने सभा को सम्बोधित कर कलीसिया के विश्व परिषद की 70वीं वर्षगाँठ को एक महत्वपूर्ण अवसर कहा एवं बतलाया कि यह ईश्वर के आशीर्वाद का चिन्ह है। बाईबिल में 70 अंक का प्रयोग हमें क्षमा देने एवं उदार बनने हेतु प्रेरित करता है। संत पापा ने एक साथ चलने, प्रार्थना करने एवं काम कर पाने में एक-दूसरे की मदद करने का आह्वान किया ताकि हम ईश्वर की सहायता से एकता में मजबूत हो सकें और दुनिया इस पर विश्वास कर सके।

सभा के अंत में संत पापा ने स्वीटजरलैंड के इवंजेलिकल कलीसियाई संघ के चार सदस्यों एवं डब्ल्यू सीसी के 8 अध्यक्षों तथा समिति के तीन युवा सदस्यों से मुलाकात की।

जेनेवा में एक दिवसीय प्रेरितिक यात्रा में संत पापा का अंतिम कार्यक्रम है जेनेवा के पलेक्सपो में ख्रीस्तीय का अनुष्ठान। ख्रीस्तयाग समारोह में संत लुईस गोंजागा की याद की जायेगी।

संत पापा ख्रीस्तयाग के उपरांत स्वीटजरलैंड के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सदस्यों एवं स्वीटजरलैंड में परमधर्मपीठ के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

जेनेवा में अपनी एक दिवसीय कार्यक्रम समाप्त कर संत पापा संध्या 9.40 बजे रोम वापस लौटेंगे।


(Usha Tirkey)

21/06/2018 16:41