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कार्ड जेनारी : सीरिया में भयंकर मानवतावादी आपदा

सीरिया के शरणार्थी शिविर के बाहर खेलते हुए बच्चे - AP

20/06/2018 14:50

रोम, बुधवार 20 जून 2018 (वीआर,रेई)  : सीरिया के प्रेरितिक राजदूत कार्डिनल जेनारी ने विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर परमधर्मपीठीय ग्रेगोरियन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में सीरिया की स्थिति से अवगत कराया।

कार्डिनल जेनारी ने कहा जब भी वे सीरिया के बारे सोचते हैं तो उनके मानसपटल में दो छवियां उभरती है। एक है संत पेत्रुसमहागिरजा घर के द्वार के पास का माइकेल अंजेलो द्वारा निर्मित (पियेता) माता मरियम की गोद में मृत येसु की प्रतिमा है। जब वे उसे देखते हैं तो उसे लगता है कि "सीरिया अपने हजारों मृत और घायल बच्चों को अपनी गोद में पकड़े हुए है" और दूसरी छवि है भले सामारी का दृष्टांत: "सीरिया पर लुटेरों ने हमला किया और वहाँ के लाखों लोगों को अधमरा सड़क के किनारे छोड़कर चले गए।”

महिलाएं और बच्चे

 कार्डिनल जेनारी ने कहा कि यह सीरिया की सात वर्षों के युद्ध में फंसे महिलाओं और बच्चों की कहानी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश को इस संघर्ष के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी, जो सरकार के विरोध के साथ शुरु हुई थी पैदा हुए हैं और आज इस जमीन पर दुनिया की सबसे खतरनाक पांच सेनाएँ पहुंच गई हैं। कार्डिनल जेनारी ने विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर सेंट्रो अस्टाल्ली द्वारा आयोजित बैठक के दौरान बताया पूर्वी अलेप्पो के सड़क पर में बिना किसी के अभिभावक के दो हजार से छः हजार बच्चे रहते हैं, और ऐसा भी होता है कि वे भूख और ठंड से मर जाते हैं। दूसरी ओर, महिलाओं को नौ बच्चों को भी रखना पड़ता है, क्योंकि उनके पति या तो युद्ध में मर गए हैं या गायब हो गए हैं।

12 मिलियन लोग अपने घरों से बाहर

कार्डिनल जेनारी ने कहा कि दुनिया के शरणार्थियों में एक चौथाई सिरियन हैं। कुल मिलाकर, 12 मिलियन लोगों ने देश छोड़ दिया है या विस्थापित हो गये हैं। उनका सपना है कि वे एक दिन अपने देश, अपने घर वापस लौटें।


(Margaret Sumita Minj)

20/06/2018 14:50