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धार्मिक नेताओं द्वारा बाल विवाह पर शून्य सहिष्णुता की प्रतिज्ञा

विभिन्न धर्मों के नेतागण - RV

16/06/2018 15:13

सिकन्दराबाद, शनिवार 16 जून 2018 (मैटर्सइन्डिया) : तेलंगाना में विभिन्न धर्मों के नेताओं ने सम्मेलन में सामाजिक समस्या की गंभीरता को सुनने के बाद अपनी पूरी शक्ति से बाल विवाह को रोकने हेतु सभी ने वचन दिया।

 13 जून के सम्मेलन ने धार्मिक समुदायों के समेकित प्रयासों पर ध्यान दिया ताकि बाल विवाह को रोका जा सके और माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। सामाजिक विकास हेतु अंतरधार्मिक मंच (आईएफएससी) और अन्य गैर सरकारी संगठनों, ‘लड़कियों की वकालत गठबंधन’ (महिता) और ‘योजना भारत’ ने मिलकर सिकंदराबाद में राज्य स्तर पर एक अंतरधार्मिक मंच आयोजित किया था।

सामाजिक विकास हेतु अंतरधार्मिक मंच (आईएफएससी) के अध्यक्ष मोंटफोर्ट ब्रदर वर्गीस थेकानाथ ने कहा कि दुनिया भर में हर साल लगभग 15 मिलियन लड़की बच्चिंयों का विवाह होता है। याने हर दो सेकंड में एक बाल विवाह होता है।

 ब्रदर थेकानाथ ने कहा, "यही समय है धार्मिक नेताओं को बाल विवाह को रोकने के लिए रास्ते में आने वाली उन सभी परंपराओं और रीति-रिवाजों को बदलने हेतु कदम उठाने की जरुरत है। परिवर्तनकर्ताओं के रूप में समाज में अपनी परिवर्तनशील भूमिका निभानी है।"

महिता उन व्यक्तियों की एक टीम है जिन्होंने 1 99 5 में हैदराबाद के शहरी झोपड़ियों में विकास हस्तक्षेप शुरू करने के लिए एक समूह बनाया था। प्लान इंडिया एक राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत गैर सरकारी संगठन है जो बच्चों के अधिकारों और समानता को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, इस प्रकार कमजोर और बहिष्कृत बच्चों और उनके समुदायों के जीवन में स्थायी प्रभाव डाल रही है।

इस अवसर पर तेलंगाना राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष यरोला श्रीनिवास गरु ने जोर देकर कहा कि बाल विवाह की रोकथाम प्रत्येक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है।

उन्होंने कहा,"हमें, समुदाय के रूप में व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से, इस बुराई के खिलाफ लड़ना चाहिए। इस बुराई को दूर करने का सबसे अच्छा साधन शिक्षा ही है।" उन्होंने ‘कल्याण लक्ष्मी’ और ‘शादी मुबारक’ जैसी योजनाओं के माध्यम से बाल विवाह को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला, जो युवा लड़कियों को सामाजिक रूप से पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों से 18  साल की कानूनी आयु प्राप्त करने के बाद शादी करने से 100,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त करने का प्रावधान है।

इस अवसर पर बोलते हुए, महिता के निदेशक रमेश शेखर रेड्डी ने कहा कि लड़कियों के लिए बाल विवाह और शिक्षा के मुद्दों पर अपने समुदायों को संवेदनशील बनाने के लिए धार्मिक नेताओं के साथ तेलंगाना के विभिन्न जिलों में ‘लड़कियों के वकील गठबंधन’ एक गैर सरकारी संगठन ने काम किया है।


(Margaret Sumita Minj)

16/06/2018 15:13