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कंधमाल हिंसा की 10वीं वर्षगाँठ पर शहीदों के लिए प्रार्थना का आग्रह

15/06/2018 16:38

भुनेश्वर, शुक्रवार, 15 जून 2018 (मैटर्स इंडिया)˸ उड़ीसा की काथलिक कलीसिया कंधमाल में हुए अत्याचार की यादगारी मनाने हेतु भारत के सभी कार्डिनलों, महाधर्माध्यक्षों एवं धर्माध्यक्षों को निमंत्रण देने की योजना बना रही है।

कलीसिया चाहती है कि सैंकड़ों पुरोहितों एवं धर्मबहनों के साथ पूरे भारत के धर्माध्यक्ष भी 25 अगस्त को उड़ीसा की राजधानी भुनेश्वर स्थित संत जोसेफ स्कूल में आयोजित स्मृति दिवस में भाग लें।

कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक कटक भुनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जॉन बरवा ने महाधर्मप्रांत में प्रकाशित एक संदेश में कहा, "हम अत्याचार के शिकार हुए किन्तु परित्यक्त नहीं हैं, नीचे गिरा दिये गये किन्तु कुचले नहीं गये हैं।"

उन्होंने कहा कि भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन भी इस आयोजन में सहयोग देगा।     

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि कलीसिया ने ईश्वर की उपस्थित को गहराई से अनुभव किया है। उन्होंने कठिनाई एवं अत्याचार की घड़ी में उनका साथ दिया है। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से होता है। उन्होंने प्रार्थना करने का आह्वान करते हुए कहा, "हम पीड़ित ख्रीस्तीयों पर पवित्र आत्मा के सामर्थ्य की कामना करते हैं ताकि वे विश्वास में बढ़ सकें।  

2007 एवं 2008 में उड़ीसा के कंधमाल जिला में ख्रीस्तीयों पर जो अत्याचार हुआ था वह आधुनिक भारत के इतिहास में एक निकृष्टतम अत्याचार था। 25 अगस्त 2008 को हुए अत्याचार में 100 लोगों की जानें गयीं और करीब 56,000 लोग बेघर हो गये थे। हजारों घरों एवं सैंकड़ों गिरजाघरों को ध्वस्त कर दिया गया था।  

महाधर्माध्यक्ष बारवा ने कहा, "जब हम कंधमाल हिंसा को हुए दस साल पूरा कर चुके हैं, आइये हम 2008 में हुए कंधमाल हिंसा की राख से ऊपर उठें। हम कंधमाल की कलीसिया के लिए प्रार्थना करें।"

25 अगस्त को आयोजित स्मृति दिवस पर कंधमाल के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी जो देश के ख्रीस्तीयों को हर समय विश्वास का साक्ष्य साहस के साथ देने की प्रेरणा देते हैं।

महाधर्माध्यक्ष के अनुसार यह कार्यक्रम उड़ीसा की कलीसिया में नवीनीकरण लायेगी तथा उनके बीच भक्ति को बढ़ावा देगी। कंधमाल हिंसा के बाद उस प्रांत के सैंकड़ों युवाओं ने कलीसिया एवं समाज की सेवा हेतु पुरोहितीय जीवन को चुना।

उन्होंने सभी ख्रीस्तीयों से अपील की कि हम कंधमाल हिंसा से पीड़ित लोगों के लिए प्रार्थना करें। महाधर्मप्रांत के संरक्षक संत थॉमस की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना करें कि वह उनके घावों को चंगा कर दे तथा उन्हें ईश्वर की संतान तथा भाईचारा एवं भाई-बहन की तरह शांति से जीने की कृपा प्रदान करे।


(Usha Tirkey)

15/06/2018 16:38