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ट्रम्प एवं किम ने हाथ मिलाया एवं ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया

ट्रम्प एवं किम ने हाथ मिलाया एवं ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया - REUTERS

12/06/2018 16:44

सिंगापुर, मंगलवार, 12 जून 2018 (एशियान्यूज़)˸ अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एवं उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने समस्त विश्व के सामने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया।

किम जोंग उन ने पत्रकारों से कहा कि "दुनिया अब एक बड़ा बदलाव देखेगी।" ट्रम्प ने भी इसी बात पर जोर देते हुए कहा, "धन्यवाद, यह बेहद शानदार है।"

12 जून को स्थानीय समयानुसार सुबह 9.00 बजे अमरीका के राष्ट्रपति ट्रम्प एवं कोरियाई नेता किम ने हाथ मिलाकर कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की नई सम्भवनाओं को खोल दिया। कोरियाई युद्ध के समाप्त होने के बाद, अमरीका के राष्ट्रपति एवं उत्तर कोरिया के नेता के बीच यह मुलाकात 65 वर्षों बाद हुई है।

दोनों नेता जो विगत कुछ वर्षों से एक-दूसरे पर भारी आरोप लगाते तथा पारस्परिक विनाश के खतरे की बात कर रहे थे, सिंगापुर के सैंटोसा द्वीप में स्थित कैपेला होटल में एक-दूसरे का स्वागत किया। उन्होंने दोनों देशों के ध्वजों की पंक्ति के सामने एक दूसरे से हाथ मिलाया। किम ने कहा, "आपसे मुलाकात कर खुशी हुई। ट्रम्प ने कहा, "हमारे बीच एक शानदार बातचीत होने वाली है और मुझे लगता है कि यह मुलाकात ज़बरदस्त रूप से कामयाब रहेगी। यह मेरे लिए बहुत ही सम्मानज़नक है और मुझे इसमें कोई शक़ नहीं कि हमारे बीच बेहतरीन संबंध स्थापित होंगे।"

हस्ताक्षरित समझौते की विषयवस्तु के बारे अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। यह माना जा रहा है कि उन्हें कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण और उत्तरी कोरिया की स्थिरता और अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए एक आम रेखा मिली है।

दोनों नेताओं ने पत्रकारों से कहा कि वे विगत को पीछे छोड़ना चाहते हैं। 39 मिनटों की मुलाकात के बाद दोनों देशों के नेताओं एवं अधिकारियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए इन ने वार्ता के सकारात्मक परिणाम की आशा व्यक्ति की है।

कोरियाई कलीसिया ने इस मुलाकात की तैयारी हेतु नोविना प्रार्थना द्वारा अपना साथ दिया तथा मेल-मिलाप एवं एकता हेतु सम्मेलन का आयोजिन किया।

कोरिया के धर्माध्यक्षों ने विश्वासियों को हर दिन निम्नलिखित प्रार्थनाओं को पूरा करने हेतु प्रेरित किया है- कोरिया के विभाजन से चंगाई, उन परिवारों के लिए जो कोरियाई युद्ध में बिखर गये हैं, जो भाई बहनें उत्तर कोरिया में रहते हैं, उत्तर कोरिया के लोग जो शरणार्थी के रूप में दक्षिण कोरिया में रह रहे हैं, उत्तर एवं दक्षिण दोनों देशों के राजनीतिक नेताओं के लिए, उत्तर में सुसमाचार प्रचार के लिए, दोनों देशों के बीच वार्ता एवं आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए, दोनों के बीच सच्चे मेल-मिलाप के लिए तथा प्रायद्वीप के शांतिपूर्ण पुनर्मिलन के लिए।


(Usha Tirkey)

12/06/2018 16:44