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आर डी कांगो में यूनिसेफ द्वारा इबोला जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीका लगाते हुए - REUTERS

06/06/2018 16:49

जेनेवा, बुधवार 6 जून 2018 (रेई) : संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपात निधि (यूनिसेफ) ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि घातक ईबोला वायरस अफ्रीका में वापस लौट आया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के उत्तर-पश्चिम श्रेत्र को इबोला प्रकोप घोषित किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक नर्स की इस बीमारी से मृत्यु हो गई है और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इसके 17 संदिग्ध मामले सामने आये हैं।

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपात निधि और उसके सहयोगी इबोला प्रकोप जागरूकता अभियान के तहत 300,000 से अधिक लोगों तक पहुंच गए हैं। 

आरडीकांगो के स्वास्थ्य मंत्री ओली इलुंगा ने कहा, "यह स्थिति हमें चिंतित करती है और देश में तत्काल ऊर्जावान अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने वाली प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।" अफ्रीका के डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक, डॉ मत्शिदीसो मोतेई ने कहा: "हम जानते हैं कि इस प्रकोप को खत्म करने के लिए व्यापक और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता होगी।"

डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका में क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोइती ने 13 मई को किनशासा का दौरा किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय अधिकारियों और अन्य साझेदारों से इबोला के प्रकोप पर तत्काल लगाम लगाने के लिए त्वरित, प्रभावी और परिस्थिति के अनुकूल कार्रवाई करने पर चर्चा की।

जागरूकता अभियान का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में 800,000 से अधिक लोगों तक पहुंचना है। इस अभियान की गतिविधियों में शामिल हैं : सामुदायिक कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्तिगत रूप से दौरे , विशेष रूप से टैक्सी ड्राइवरों, समुदाय के नेताओं,  गिरजाघरों और जनसंचार के माध्यम से इस आंदोलन को जागरूक करना।

लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में यूनिसेफ के प्रतिनिधि और 2014 - 2015 से पश्चिम अफ्रीका में ईबोला प्रकोप के दौरान यूनिसेफ के समन्वयक जोनफ्रान्को रोटिग्लियानो ने कहा, "इबोला को खत्म करने के लिए सूचना और सामाजिक आंदोलन आवश्यक है। "पश्चिम अफ्रीका में ईबोला प्रकोप के दौरान हमने महसूस किया कि रोग के फैलाव को रोकने और सुरक्षा के तरीके के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी बहुत आवश्यक है।"

बच्चे इबोला महामारी से बहुत जल्द प्रभावित होते हैं। 10 वायरस से प्रभावित सांदिग्ध दस व्यक्तियो में एक बच्चा है; सैकड़ों बच्चे और उनके परिवार के सदस्य हैं जो रोग से पीड़ित लोगों के संपर्क में हैं और अब उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता की भी आवश्यकता है।

यूनिसेफ और उसके सहयोगियों ने रोकथाम और सुरक्षा उपायों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए 2,500 से अधिक शिक्षकों और 53,000 छात्रों के साथ काम किया है, जबकि 30 युवा "संवाददाताओं" को प्रभावित क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है और अब वे अपने साथियों को बीमारी के फैलने से बचने के लिए उपायों के बारे में सूचित कर रहे हैं।

इबोला प्रकोप की रोकथाम के लिए, सरकार और उसके सहयोगियों ने 1,100 से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को टीका लगाया है जो वानागता, मंदाका शहर, बिकोरो और इबोको शहर में पीड़ित लोगों के संपर्क में हैं।


(Margaret Sumita Minj)

06/06/2018 16:49