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येरूसलेम में अमेरिकी दूतावास, मोन्सिन्योर मौरिज्यो : शांति दूर है

संयुक्त राज्य दूतावास को टेल अवीव से यरूशलेम ले जाने का विरोध करते फिलीस्तीनी प्रदर्शनकर्ता - REUTERS

15/05/2018 15:32

गाज़ा, मंगलवार 15 मई 2018 (वीआर,रेई) : सोमवार 14 मई को येरूसलेम में अमरीकी दूतावास खुलने पर हिंसा में लोगों की मौत और अनेक घायल हुए। फिलीस्तीन और येरुसलेम के उपप्राधिधर्माध्यक्ष जचिंतो बोलोस मौरिज़ियो ने इसपर चर्चा की।

वाटिकन संवाददाता लुसिया के साथ साक्षात्कार में मोन्सिन्योर मौरिज़ियो ने कहा कि गाज़ा सीमा पर इसराइली सैनिकों के साथ फलस्तीनियों की गंभीर झड़पें हुई। एजेंसी मान के रिपोर्ट अनुसार इज़राइली सेना के साथ हिंसक संघर्षों में 52 फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है और लगभग 2,400 लोग घायल हो गये हैं।

फिलिस्तीनियों, संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और अरब दुनिया एक बड़े हिस्से के मजबूत विरोध के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के संयुक्त राज्य दूतावास को टेल अवीव से यरूशलेम ले जाने निर्णय 14 मई को इज़राइल के जन्म की 70 वीं वर्षगांठ पर वास्तविकता बन गया है।

मोन्सिन्योर मौरिज़ियो ने कहा कि येरुसलेम में तनाव बहुत अधिक है। पवित्र शहर, एक बार फिर विरोधाभास के संकेत का प्रतिनिधित्व कर रहा है, यहाँ शांति और भी दूर लगती है। गाजा में मस्जिदों के वक्ताओं ने फिलिस्तीनियों को तथाकथित "ग्रेट रिटर्न मार्च" में शामिल होने का आग्रह किया, जिसके विरोध में पिछले छह दिनों में कम से कम 40 मौतें हुईं।

 इस दूतावास को लेकर फलस्तीनी नाराज़ हैं। फिलस्तीनी इसे येरूसलम पर इसराइली कब्ज़े को अमरीकी समर्थन के तौर पर देख रहे हैं। फिलिस्तीनी लोग येरूसलेम के पूर्वी इलाक़े पर अपना दावा जताते हैं। गाज़ा पर शासन करने वाले मुस्लिम संगठन हमास ने पिछले छह हफ़्तों से इसे लेकर विरोध प्रदर्शन छेड़ रखा है।

इसराइल का कहना है कि प्रदर्शनकारी सीमा पर लगे बाड़ को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसराइल इस बाड़ की कड़ाई से सुरक्षा करता है। हमास के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सोमवार को हुई हिंसा में मारे गए लोगों में बच्चे भी हैं।

मोन्सिन्योर मौरिज़ियो ने कहा "आज, यरूशलेम के ख्रीस्तीय, सभी कलीसिया और सभी फिलिस्तीन एक ही भावना से एकजुट हैं: उदासी। हम पीड़ित हैं क्योंकि आज का दिन हमें शांति की ओर नहीं लेकिन बिल्कुल विपरीत दिशा में ले जाती है । शांति पाने की कोई उम्मीद नहीं है।"

विदित हो कि येरूसलेम में अमरीकी दूतावास खुलने के अवसर पर इस कार्यक्रम में अमरीकी अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बेटी और दामाद ने शिरकत की। राष्ट्रपति ट्रंप ने वीडियो पर इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस घड़ी का लंबे समय से इंतज़ार था।


(Margaret Sumita Minj)

15/05/2018 15:32