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विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

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संत पापा फ्राँसिस \ अंजेलुस व संदेश

संत पापा फ्राँसिस का ट्वीट संदेश-13 और 14 मई 2018

फातिमा में माता मरियम की प्रतिमा के सामने प्रार्थना करते हुए संत पापा फ्राँसिस 14 मई 2017 - AP

14/05/2018 15:39

वाटिकन सिटी, सोमवार 14 मई 2018 (रेई) : 13 मई को फातिमा की माता मरियम के दिव्य दर्शन दिवस  और विश्व संचार दिवस’ पर संत पापा ने दो ट्वीट संदेश दिया।

रविवार 13 मई को काथलिक कलीसिया ने फतिमा की माता मरियम के दिव्य दर्शन के 101 वर्ष का समारोह मनाया। इस अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने सभी विश्वसियों को माता मरियम के संरक्षण में अपने परिवार देश और पूरी दुनिया को रखने को कहा जिससे उनकी कृपा दृष्टि हम पर बनी रहे।

संत पापा ने ट्वीट संदेश में लिखा,“फातिमा की माता मरियम, आप, हमारी तरफ, हमारे परिवारों, हमारे देश और दुनिया की तरफ अपनी कृपा दृष्टि बनायें रखें।”

माना जाता है कि 101 वर्ष पूर्व इसी दिन माता मरियम पुर्तगाल के फातिमा नामक गांव में तीन चरवाहे बच्चों लूसी,जसिंता और फ्राँचेस्को के सामने प्रकट हुई थी। इस दौरान माता मरियम ने इन्ही बच्चों को ६ बार विभिन समय पर दर्शन दिए और उनसे वादा किया कि धरती पर शान्ति तभी संभव होगी जब उनकी विनती सुनी जायेगी और उनका कहा माना जायेगा।

रविवार,13 मई को ही माता कलीसिया ने ‘विश्व संचार दिवस’ भी मनाया। यह दिवस विश्व के अधिकांश देशों में पेंतेकोस्त महापर्व के अगले रविवार को मनाया जाता है। इस विशेष समारोह के दिन संत पापा ने कमजोर और आवाजहीन लोगों की सेवा में संचार माध्यम का विशेष उपयोग करने को कहा।

संत पापा ने ट्वीट में लिखा,“मैं संचार पेशेवरों को सभी लोगों की सेवा में खासतौर पर आवाजहीन और कमजोर लोगों की सेवा में शांति की पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित करता हूँ।”

“विश्व संचार दिवस” की स्थापना संत पापा पॉल छठे ने सुसमाचार प्रचार के लिए सामाजिक संचार के आधुनिक माध्यमों के प्रयोग और उनकी चुनौतियों पर चिंतन करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए 1967 में स्थापित किया।

संत पापा फ्राँसिस ने ‘विश्व संचार दिवस’ को मनाने के लिए पहले ही संत योहन के सुसमाचार 'सत्य तुम्हें आज़ाद कर देगा' (8 :32) के आधार पर इस वर्ष के विषय "नकली खबर और शांति के लिए पत्रकारिता" पर अपना संदेश दिया था।

अपने संदेश में, संत पापा फ्राँसिस ने फर्जी समाचारों के माध्यम से विघटन के "गंभीर परिणामों" की चेतावनी दी, जिसे "लालच" और "शक्ति की प्यास" से प्रेरित किया जाता है और यह "रचनात्मक संवाद" के लिए आवश्यक "स्वस्थ वार्तालाप" की अनुपस्थिति के कारण उभरता है। आज की तेजी से विकसित संचार की दुनिया में, संत पापा ने उन लोगों से कहा कि जो "शांति की पत्रकारिता को बढ़ावा" देते हैं और दूसरों को सच्चाई का साथ देने में मदद करते हैं जो हानिकारक या भावनात्मक नहीं है।

संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 14 मई के ट्वीट में सभी ख्रीस्तीयों से पवित्र आत्मा को स्वीकारने और उनके निर्देशन में ख्रीस्तीय जीवन जाने की प्रेरणा दी। संदेश में उन्होंने लिखा,“स्वयं को पवित्र आत्मा द्वारा निर्देशित करने और उसे जहां चाहें वहां हमें ले जाने की अनुमति देने से बड़ी कोई स्वतंत्रता नहीं है।”


(Margaret Sumita Minj)

14/05/2018 15:39