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विश्व ख्रीस्तीय मंच को ख्रीस्तीय एकता हेतु गठित परमधर्मपीठीय सम्मेलन के सचिव का संदेश

धर्माध्यक्ष ब्राएन फार्रेल

28/04/2018 12:47

बगोटा, शनिवार 28 अप्रैल 2018 (रेई) : कोलंबिया में विश्व ख्रीस्तीय मंच के प्रतिभागियों को ख्रीस्तीय एकता हेतु गठित परमधर्मपीठीय सम्मेलन के सचिव धर्माध्यक्ष ब्राएन फार्रेल ने अपने संबोधन में ख्रीस्तीय एकता को बढ़ावा देने के लिए 6 इच्छाओं को व्यक्त किया।

'एक साझा विश्वास'

कोलंबिया के बागोटा में 24 से 27 अप्रैल तक हुए तीसरे विश्व ख्रीस्तीय मंच के पांच दिवसीय सम्मेलन में धर्माध्यक्ष ब्राएन फार्रेल ने कहा, "हमें एक-दूसरे को वास्तव में जानने के लिए संपर्क और संवाद की ज़रूरत है जिससे कि हम एक-दूसरे पर भरोसा कर सकें, एक दूसरे से सीखें और साथ मिलकर काम करें और एसा करने से आपसी मतभेद और आपसी संघर्ष भी कम होगा।"

ख्रीस्तीयता की नई अभिव्यक्ति

धर्माध्यक्ष ब्राएन फार्रेल ने अपनी 6 इच्छाओं को व्यक्त किया जिसमें पहला है कि परंपरागत कलीसियायें ख्रीस्तीय धर्म के नए अभिव्यक्तियों जैसे पेंटेकोस्टल और करिश्माई कलीसिया का सम्मान करते हैं और उन्हें गंभीरता से लेते हैं। इन नए विश्वासों का अनुभव परंपरा से आ रहे "कानूनों और परंपराओं" साथ ही "नैतिक मानकों के बारे हमारे साहस की कमी" को चुनौती देता है।

ख्रीस्तीय धर्म के इन नए अभिव्यक्तियों को संबोधित करते हुए धर्माध्यक्ष फार्रेल ने उन्हें "पवित्रशास्त्र और इसके प्रभाव" के आलोचनात्मक समझ से बचने हेतु "अपने ईशशास्त्र के आधार को गहन" करने के लिए आमंत्रित किया।

धर्म परिवर्तन

धर्माध्यक्ष फार्रेल ने कहा कि बपतिस्मा संस्कार द्वारा हम ख्रीस्तीय समुदाय के सदस्य बनते हैं। हमारी एकता के आधार येसु ख्रीस्त में बपतिस्मा है। बपतिस्मा के माध्यम से, "पानी और त्रित्वमय ईश्वर में विश्वास के सूत्र द्वारा ख्रीस्तीय समुदाय के साथ सामंजस्य में प्रवेश करते हैं।" अतः उन्होंने ख्रीस्तीय समुदाय को सभी प्रकार के धर्मांतरण से बचने के लिए आमंत्रित किया।

ख्रीस्तीय एकता का समय

धर्माध्यक्ष फार्रेल ने आशा व्यक्त की कि वे ख्रीस्तीय समुदाय जो " ख्रीस्तीय एकता वर्धक आंदोलन के प्रति शंकालु हैं, वे यह पहचान सकते हैं कि ख्रीस्तीय समुदाय का आधार सुसमाचार है और यह पवित्र आत्मा से प्रेरित है।" उन्होंने आग्रह किया कि कलीसिया की संरचनाओं पर आधारित चर्चाओं को सुसमाचार में विश्वास को साझा करने में बदल दिया जाए।

सामान्य अनुभव

अंत में उन्होंने यह इच्छा व्यक्त की कि उन सभी बाधाओं को दूर किया जाए जिससे कि बाइबल अध्ययन, प्रार्थना और मिशन को सामान्य और सामूहिक रूप से किया जा सके।

हम ईश्वरीय कृपा को साझा करते हैं

धर्माध्यक्ष फार्रेल ने अपने संबोधन को समाप्त करते हुए कहा कि विश्व ख्रीस्तीय मंच यदि सभी ख्रीस्तीय समुदाय मतभेदों को जोर देने के बजाय दोस्ती और एकजुटता के नए युग की शर्तों को बनाता है तभी हम राष्ट्रों के लिए सुसमाचार प्रचार हेतु ईश्वर के आदेश को पूरा कर सकते हैं।"


(Margaret Sumita Minj)

28/04/2018 12:47