Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

कलीसिया \ विश्व की कलीसिया

कोरियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा शिखर सम्मेलन का स्वागत

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के नेता मून जे इन - AP

28/04/2018 13:23

कोरिया, शनिवार, 28 अप्रैल 2018 (एशियान्यूज़) ˸ कोरिया के दो नेताओं ने अपने देश के 80 मिलियन लोगों तथा समस्त विश्व के सामने समारोह पूर्वक घोषित किया कि कोरियाई प्रायद्वीप में फिर कभी युद्ध नहीं होगा। ‘अब एक नया इतिहास शुरू हो रहा है, शांति का युग।' उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया में दाखिल होने के बाद गेस्ट बुक में ये शब्द लिखे।"

27 अप्रैल 2018 को उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच शिखर वार्ता हुई। इसमें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के नेता मून जे इन ने हिस्सा लिया। दोनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने का संकल्प लिया।.ीं होगा और शांति का एक नया युग  उठायें ैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा है एवं जिन्हें चिकित्सा :।

दोपहर की बातचीत के अंत में, दोनों नेताओं ने "पानमुनजोम घोषणा" पर हस्ताक्षर किए। इसके अनुसार, दोनों कोरियाई प्रायद्वीप परमाणुकरण और सैन्य तनाव को कम करने हेतु सहयोग करने के लिए चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बहुपक्षीय वार्ता शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस तरह अब दोनों देश "शत्रुतापूर्ण कृत्यों" को समाप्त कर देंगे, पश्चिमी सागर में कासोंग शहर की सीमा पर संयुक्त संचार कार्यालय "शांति का क्षेत्र" स्थापित किया जाएगा तथा वे "मानवतावादी समस्याओं को हल करने के लिए रेड क्रॉस के साथ बातचीत के लिए खुलेंगे।"

शुक्रवार को किम एवं मून ने कई घंटों तक साथ में व्यतीत किया तथा करीब 30 मिनट तक व्यक्तिगत बातचीत की। उन्होंने कोरियाई युद्ध में बिछुड़े परिवरों को पुनः एक साथ लाने तथा आर्थिक सहयोग शुरू करने पर सहमति जतायी।  

कोरिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने शिखर सम्मेलन का स्वागत किया है। एक वक्तव्य में धर्माध्यक्षों ने शिखर सम्मेलन के पहले कहा था कि यह एक मूल्यवान समय है जिसे ईश्वर ने कोरिया के लोगों को उनकी प्रार्थनाओं के उत्तर में प्रदान किया है। कई महिनों से दक्षिण कोरिया की कलीसिया हर शाम शांति हेतु प्रार्थना कर रही थी। धर्माध्यक्षों ने कहा कि यह इस धरती पर एक चमत्कार है।   

पिछला साल शिखर सम्मेलन असम्भव प्रतीत हो रहा था जब अमरीका एवं उत्तर कोरिया ने एक दूसरे पर परमाणु खतरे की धमकी दे रहे थे। 


(Usha Tirkey)

28/04/2018 13:23