Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

विश्व की घटनायें \ विश्व

संत पापा फ्रांसिस द्वारा रोम स्थित कोरवियाले के ‘संत पावलो देल्ला क्रोचे’ पल्ली का दौरा

पल्लीवासियों के साथ ख्रीस्तयाग समारोह का अनुष्ठान करते हुए संत पापा फ्राँसिस - REUTERS

16/04/2018 16:48

रोम, सोमवार,16 अप्रैल 2018 (रेई): संत पापा फ्राँसिस ने रविवार अपराहन को रोम स्थित कोरवियाले के संत पावलो देल्ला क्रोचे’ पल्ली का दौरा किया। संत पापा का स्वागत पल्ली पुरोहित फादर रोबेर्तो चेस्सानो और पल्ली वासियों ने बड़े उत्साह के साथ किया। संत पापा पल्ली के बच्चों, युवाओं, बीमारों और बुजुर्गों के साथ मुलाकात कर उन्हें अपना संदेश दिया और अंत में पल्लीवासियों के साथ ख्रीस्तयाग समारोह का अनुष्ठान किया।

संत पापा ने प्रवचन में विश्वासियों को पुनर्जीवित येसु मसीह की खुशी को अपने दिल में बरकरार रखते हुए विश्वास में मजबूत रहने को कहा।

"मसीह की सच्चाई" दिल में प्रवेश करने दें

संत पापा ने रविवारीय पाठ पर चिंतन करते हुए कहा कि दैनिक जीवन में पुनर्जीवित प्रभु की  सच्चाई को दिल में लाना कठिन है। पुनर्जीवित येसु को देखने की खुशी अनुभन करने के बाद भी चेलों में संदेह था क्योंकि जी उठे मसीह की सच्चाई उनके दिल में प्रवेश नहीं कर पाई थी। येसु को देखकर उन्होंने आखिरकार विश्वास किया।

संत पापा ने कहा कि येसु ख्रीस्त हमें युवा बनाते हैं। जबकि पाप हमारी आत्मा को वृद्धावस्था में ले जाती है। हमारे जीवन को कठिन बनाती और हमें समय से पहले बुजुर्ग बना देती है जिससे कि हम थक हार कर बैठ जायें। पाप हमें जी उठे ख्रीस्त से दूर ले जाती है जिससे हमारा विश्वास उनपर से हट जाये। प्रभु येसु पुनर्जीवित होकर स्वर्ग में विराजमान हैं और हमसे कोई लेना देना नहीं है। ऐसा नहीं है। संत पापा ने कहा कि आज प्रभु जीवित हमारे साथ हैं। वे हम प्रत्येक को नये जीवन की खुशी देना चाहते हैं।

पुनर्जीवित येसु की शक्ति

संत पापा ने कहा कि हमारे पापों के लिए पिता ईश्वर के पास अर्जी करने हेतु  हमारे लिए एक वकील है। पाप हमें नालायक बना देता है पर हमें डरना नहीं चाहिए क्योंकि पुनर्जीवित प्रभु हमें फिर से नया बनाते हैं हमें शक्ति प्रदान करते हैं। जब हम पापस्पीकार संस्कार ग्रहण करते हैं तो येसु हमें फिर से युवा बनाते हैं। और हमें नये सीरे से आगे बढ़ने की ताकत देते हैं।

संत पापा ने प्रवचन के अंत में पुनर्जीवित प्रभु से विश्वास की कृपा पाने के लिए प्रार्थना करने के लिए प्रेरित किया। प्रभु येसु क्रूस पर अपने प्राणों की बलि देकर पापों से हमें मुक्त किया है। वे जीवित हैं और हमारे साथ हमारे दुःख और सुख में उपस्थित हैं। सिर्फ हमें उसपर विश्वास करने की जरुरत है।


(Margaret Sumita Minj)

16/04/2018 16:48