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रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

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संत पापा फ्राँसिस \ अंजेलुस व संदेश

विश्व शांति और न्याय हेतु प्रार्थना करने के लिए संत पापा का आह्वान

संत पापा फ्राँसिस - AP

16/04/2018 16:28

वाटिकन सिटी, सोमवार 16 अप्रैल 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 15 अप्रैल को दो ट्वीट प्रेषित किया। पहले ट्वीट में उन्होंने कलीसिया के सदा युवा रहने की वजह की चर्चा की है। संदेश में उन्होंने लिखा,“कलीसिया युवा है क्योंकि सुसमाचार इसकी जीवनशैली है जो इसे लगातार जीवन देता और नवीन बनाता है।”

संत पापा ने दूसरे ट्वीट में विश्व के सभी भले लोगों को विश्व शांति और न्याय हेतु प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया है। संदेश में उन्होंने लिखा,“मैं निरंतर शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ, साथ ही ऐसी इच्छा रखने वाले सभी लोगों को प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित करता हूँ, मैं राजनीतिक उत्तरदायित्व वाले उन सभी लोगों से पुनः अपील करता हूँ कि वे न्याय और शांति सुनिश्चित करने के लिए निश्चित कदम लें।”

रविवार को ही संत पापा फ्राँसिस ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में हजारों तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत  सीरिया में शांति की अपनी अपील को पुनः दोहराया। उन्होंने कहा,"मैं वर्तमान विश्व की स्थिति से बहुत परेशान हूँ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास उपकरणों के उपलब्ध होने के बावजूद, सीरिया और दुनिया के अन्य क्षेत्रों में शांति के लिए आम कार्रवाई करने हेतु सहमत होने में कठिनाई है।"

संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में विद्रोहियों के खिलाफ एक मिसाइल हमला शुरू करने के एक दिन बाद संत पापा ने यह टिप्पणी की। सीरियाई सरकार ने विद्रोहियों के खिलाफ चल रहे युद्ध में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था। सीरिया और उसके सहयोगियों ने इसे इनकार किया है

बीबीसी के अनुसार सीरिया की लड़ाई दरअसल एक ख़ूनी गृहयुद्ध है, जहां संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के हिसाब से अब तक चार लाख के क़रीब लोग मारे जा चुके हैं और 50 लाख लोगों का विस्थापन हुआ है।

हालांकि सीरिया दूसरे शक्तिशाली देशों के लिए भी युद्ध का मैदान बन गया है जहां कभी-कभी दोस्त का दोस्त दुश्मन हो जाता है।

मध्य-पूर्व की जानकार लीना ख़ातिब ने बीबीसी को बताया, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सीरिया के युद्ध को काफ़ी नज़रअंदाज़ किया है." वो कहती हैं कि अगर हम चुपचाप बैठकर इंतज़ार करते रहे तो ये लड़ाई हमें ऐसा नुक़सान पहुंचाएगी कि हमें पता भी नहीं चलेगा।


(Margaret Sumita Minj)

16/04/2018 16:28