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रोम स्थित ‘संत पावलो देल्ला क्रोचे’ पल्ली के बुजुर्गों और बच्चों को संत पापा का संदेश

कोरवियाले के संत पावलो देल्ला क्रोचे’ पल्ली के बच्चों से मिलते हुए संत पापा फ्राँसिस - AP

16/04/2018 16:34

रोम, सोमवार,16 अप्रैल 2018 (रेई): संत पापा फ्राँसिस ने रविवार अपराहन को रोम स्थित कोरवियाले के संत पावलो देल्ला क्रोचे’ पल्ली का दौरा किया।  संत पापा फ्राँसिस ने पल्लीवासियों के लिए पवित्र मिस्सा समारोह का अनुष्ठान करने से पहले पल्ली के धर्मशिक्षा पाने वाले बच्चों और युवाओं और पल्ली के बीमार लोगों व बुजुर्गों से मुलाकात की। संत पापा ने अनेक लोगों को पापस्वीकार संस्कार भी दिया।

संत पापा ने बुजुर्गों के साथ मुलाकात कर उन्हें पल्ली के वहाँ रहने और पल्ली के "कर्तव्य" के बारे में बताया, "पल्ली के सबसे जरुरत मंद लोग इस पल्ली के केंद्र में हैं और वे सुसमाचार के केंद्र में भी हैं। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हमारे दुखों और कठिनाइयों को हमें हमारी आशा या खुशी को दूर करने की इजाजत नहीं देनी चाहिए, क्योंकि क्योंकि येसु अपने घावों से हमारे घावों को भर दिया है।" उन्होंने कहा,“ यह हमारी खुशी है कि येसु ने हमारे पापों का मूल्य चुका दिया है। वे हमारे करीब है, वे जानते हैं कि हमारे लिए क्या अच्छा है।”

संत पापा ने पल्ली के बच्चों को  प्रश्न पूछने को कहा। साश ही संत पापा ने कहा कि वे उनके प्रश्नों का उत्तर सुसमाचार के पाठों से देंगे। बर्शते कि वे घर जाकर इसका पाठ करें। संत पापा ने संत मत्ती के मनपरिवर्तन के बारे में कहा कि येसु के पास लोगों के मन को परिवर्तन करने की शक्ति है।

एक बच्ची ने संत पापा से पूछा कि जिन्होंने  बपतिस्मा संस्कार नहीं ग्रहण किया है क्या वे सभी ईश्वर के बच्चे हैं। इस पर संत पापा ने कहा,“हम सभी ईश्वर के बच्चे हैं। अच्छे और बुरे सभी कोई और जो दूसरा धर्म मानते हैं वे भी ईश्वर को बच्चे हैं यहाँ तक कि माफिया लोग भी। ईशेवर ने हम सभी को बनाया। वे हम सभी से प्रेम करते हैं। हम सभी को अच्छे बुरे में फर्क करने के लिए हमें अंतःकरण दिया है। जब हम बपतिस्मा ग्रहण करते हैं तो पवित्र आत्मा हमारे अंतःकरण में प्रवेश करता है और हमें ईश्वर के बच्चे बने रहने के लिए शक्ति प्रदान करता है।”

एक छोटा बच्चा जो प्रश्न पूछना चाह रहा था पर जोर से बोल न पा रहा था। तब संत पापा ने उसे अपने करीब बुलाकर कान में सवाल पूछने को कहा। बच्चा हाल ही में अपने पिता को खो दिया था और उसकी याद में रो रहा था। उस बच्चे ने कहा उसका पिता नास्तिक था क्या वह स्वर्ग में है ?

संत पापा ने बच्चे से पूछा, क्या वे अच्छे थे ? इसपर बच्चे ने कहा कि वे बहुत अच्छे थे। संत पापा ने कहा कि सिर्फ ईश्वर जानता है कि कौन स्वर्ग में उनके साथ है। परंतु ईश्वर का दिल पिता के दिल के समान है। ईश्वर कभी भी अच्छे दिल वाले पिता को अपने से दूर नहीं रखेंगे।


(Margaret Sumita Minj)

16/04/2018 16:34