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संत पापा ने गलतियों के लिए क्षमा की याचना की

संत पापा फ्राँसिस - AP

12/04/2018 16:54

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 12 अप्रैल 2018 (वाटिकन न्यूज)˸ संत पापा फ्राँसिस ने चिली के धर्माध्यक्षों को लिखे एक महत्वपूर्ण पत्र में, धर्माध्यक्षों का आह्वान किया है कि वे याजकों के यौन दुराचार मामलों के मूल्यांकन एवं उन्हें समझने में हुई गलतियों और पापों के कारण खुले घावों की चंगाई में अपना सहयोग दें।  

संत पापा ने पत्र में कहा है कि यौन दुराचार के शिकार लोगों को सुनने के लिए भेजे गये दो खास प्रतिनिधियों के रिपोर्ट को सावधानी पूर्वक पढ़ने के बाद वे इस पत्र को लिखने के लिए प्रेरित हुए।

माल्टा के महाधर्माध्यक्ष चार्ल्स शिक्लूना तथा फादर जोरदी बेरतोमेयो फारनोस को उन लोगों का साक्ष्य सुनने चिली भेजा गया था जो याजकों द्वारा यौन दुराचार के शिकार हुए हैं। इस मामले की जाँच हेतु धर्माध्यक्ष जॉन बार्रोस को जिम्मेदारी दिये जाने पर संत पापा फ्राँसिस को सार्वजनिक रूप से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

अपने पत्र में संत पापा ने इस बात की पुष्टि दी है कि संयुक्त साक्ष्य में कई लोगों ने बिना किसी मिलावट के स्पष्ट रूप से आपबीती बतलायी है जो उनके लिए दुःख एवं लज्जा का कारण है।

क्षमा याचना  

संत पापा ने अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा है कि "मैंने परिस्थिति का मूल्यांकन करने एवं उसे समझने में गंभीर गलती की है, खासकर, सच्ची एवं संतुलित जानकारी के अभाव के कारण। उन्होंने उन सभी से क्षमा याचना की है जिनको उन्होंने ठोकर दिया तथा कहा है कि उनसे क्षमा मांगने हेतु वे उन लोगों से मुलाकात करेंगे जिनसे साक्षात्कार किया गया है।    

धर्माध्यक्षों को रोम में निमंत्रण

गंभीर परिस्थितियों के मद्देनजर संत पापा ने धर्माध्यक्षों के सहयोग की याचना की है ताकि चिली में कलंक पर सुधार करते हुए, जितना हो सके न्याय की स्थापना करते हुए कलीसियाई समुदाय को पुनः स्थापित किया जा सके।  

संत पापा ने अपने पत्र में कहा है कि वे चिली के धर्माध्यक्षों को विचार-विमर्श हेतु रोम बुलाना चाहते हैं। अपने पूरे पत्र में संत पापा ने प्रार्थना की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे धर्माध्यक्षों के साथ उस दृढ़ विश्वास को बांटना चाहते हैं कि वर्तमान समस्याएँ भी उनके लिए एक अवसर है कि हम कलीसिया में विश्वास को पुनःस्थापित कर सकें, विश्वास जो हमारी गलतियों एवं पापों के कारण तोड़ दिया गया है तथा उन घावों को चंगा करने जिनसे समस्त चिली समाज में लगातार रक्तस्राव हो रहा है।


(Usha Tirkey)

12/04/2018 16:54