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संत पापा फ्राँसिस \ मिस्सा व प्रवचन

ईश्वर के विस्मयकारी घटना के प्रति हमारा प्रत्युत्तर

पास्का पर्व का समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए संत पापा - REUTERS

01/04/2018 14:00

वाटिकन सिटी, रविवार, 1 अप्रैल 2018 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में पास्का रविवार का प्रातःकालीन यूख्ररीस्तीय बलिदान अर्पित किया। मिस्सा बलिदान के दौरान अपने प्रवचन में उन्होंने तीन बातों का जिक्र किया।

उद्घोषणा : पहली बात हमारे लिए उद्घोषणा के रुप में आती है जहाँ हम येसु के पुनरूत्थान की बात सुनते हैं। प्राचीन ख्रीस्तीय समुदाय में यह उद्घोषणा व्यक्तियों के द्वारा एक मुख से हो कर दूसरे मुख को जाती थी। वे स्त्रियाँ जो येसु ख्रीस्त के शरीर का विलेपन करने गयीं अपने में आश्चर्यचकित थीं। ईश्वर की घोषणाएं हमारे लिए आश्चर्यजनक होती हैं क्योंकि ईश्वर हमें आश्चर्यचकित करते हैं। मुक्ति इतिहास के शुरूआत में ईश्वर आब्रहम को आश्चर्यचकित करते हैं। संत पापा ने कहा, “तुम अपने देश छोड़ कर जाओ।” वे हमें भी आश्चर्य से भर देते हैं। वे बिना विस्मित किये हमें अपना संदेश नहीं देते हैं। यह हमारे हृदय को स्पर्श करता और हमें अभिभूत करता है जिसकी आशा हम नहीं करते हैं। ईश्वर की उद्घोषणा हमें विस्मित करती है।  

शीघ्रता : सुसमाचार में दूसरी बात हम “शीघ्रता” को पाते हैं। संत पापा ने कहा, “स्त्रियाँ दैड़ती हुई यह बलताली हैं कि उन्होंने क्या पाया।” ईश्वर का विस्मयकारी संदेश हमें उत्तेजित करता और हम इसकी प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं। अतः पेत्रुस और योहन उसे देखने हेतु दौड़ पड़ते हैं। ख्रीस्त जंयती की रात चरवाहे अपने को रोक नहीं पाते, “आओ हम बेतलेहेम चले और स्वर्गदूतों के संदेश का दीदार करें।” समारी स्त्री दौड़ कर अपने लोगों को यह बतलाती है, “मैंने उस व्यक्ति को पाया जो मेरे जीवन की सारी बातों को जानता है।” इस भांति लोग दौड़ कर येसु को देखने आते हैं। यहाँ तक गृहणी भी अपने चुल्हे में आलू को छोड़ कर विस्मयकारी बात को देखने हेतु दौड़ पड़ती है। यह आज भी हमारे जीवन में होता है। हमारे पड़ोस में, हमारे गाँवों में जब कोई विचित्र घटना घटती है तो उस घटना को देखने हेतु हम लोगों को दौड़ते हुए पाते हैं। अद्रेयस बिना समय गंवायें पेत्रुस को यह बतलाने हेतु शीघ्रता से चल पड़ता है कि “उन्होंने मुक्तिदाता को पाया है।” विस्मयकारी घटनाएं, सुसामाचार हमेशा ही शीघ्रता में होती हैं। संत पापा ने कहा कि सुसमाचार में एक व्यक्ति है जो अपने में जोखिम उठाना नहीं चाहता था, वह थोमस है जो अपने लिए थोड़ा समय लेता है, “मैं केवल तब विश्वास करूँगा जब मैं उनके घावों को देख लूँगा।” लेकिन येसु अच्छे हैं वे उसे अपना प्रेम दिखलाते हैं। वे उसके साथ भी धैर्य से पेश आते हैं जो जल्दी बाजी में नहीं होते हैं।

विस्मयकारी घोषणा के प्रति मेरा क्या प्रतिक्रिया है जो हमारे लिए आज की तीसरी बात है। क्या मेरा हृदय ईश्वर के विस्मयकारी घटना हेतु खुला हैॽ क्या मैं तेजी से विस्मयकारी बातों को देखने या सुनने जाता हूँ या मैं उसे कल तक के लिए टाल देता हूँॽ संत पापा ने कहा, “आश्चर्य से भरी घटना मुझे क्या कहती हैॽ” योहन और पेत्रुस कब्र के पास जाते और विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा,“पेत्रुस के विश्वास में थोड़ी उदासी है क्योंकि उन्होंने येसु को अस्वीकार किया था।”  

अपने उपदेश के अंत में संत पापा ने कहा, “2018 के पास्का में मेरा विश्वास और आप का विश्वास कैसा हैॽ”  


(Dilip Sanjay Ekka)

01/04/2018 14:00