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संत पापा फ्राँसिस \ आमदर्शन व धर्मशिक्षा

पास्का दिवसत्रय पर संत पापा की धर्मशिक्षा

आमदर्शन समारोह में लोगों के साथ संत पापा - AP

28/03/2018 15:51

वाटिकन सिटी, बुधवार, 28 मार्च 2018 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने अपने बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में विश्व के विभिन्न देशों से आये हुए तीर्थयात्रियों और विश्वासियों को पास्का दिवसत्रय पर अपनी धर्मशिक्षा देते हुए कहा, प्रिय भाई एवं बहनों, सुप्रभात।

आज मैं पास्का दिवसत्रय पर चिंतन करना चाहता हूँ जो विश्वासियों के रुप में हमें पूजन विधि काल चक्र के सबसे महत्वपूर्ण समय को थोड़ी गहराई से समझने हेतु हमें मदद करेगा। पास्का दिवसत्रय में हम येसु के दुःखभोग, क्रूस मरण और पुनरूत्थान के रहस्य की यादगारी मनाते हैं। इसकी शुरूआत हम कल “अंतिम व्यारी” के भोज से करेंगे जो कि ख्रीस्त के पुनरूत्थान की रविवारीय संध्या प्रार्थना द्वारा समाप्त होगी। संत पापा ने कहा कि यह हमारे विश्वास और इस धरती पर हमारे जीवन का मूलभूत आधार है। हम सभी ख्रीस्तीय इन तीन पवित्र दिनों को अपने व्यक्तिगत और समुदायिक जीवन के ताने-बाने रुप में जीने के लिए आमंत्रित किये जाते हैं, जैसा कि यह हमारे यहूदी भाइयों के लिए मिस्र देश से निर्गमन था।

ये तीन दिन हम ख्रीस्तियों के जीवन में मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त के मुक्तिदायी महान कार्यों का पुनरावलोकन करने का आहृवान करता है जिससे हम उन्हें अपने जीवन का मजबूत आधार बनाते हुए उनके प्रेम का साक्ष्य दे सकें।

पास्का की सुबह हम येसु के पुनरूत्थान की घोषणा सुनते हैं, “येसु, हमारी आशा, मृतकों में से पुर्नजीवित हो कर हम से पहले गलीलिया जाते हैं।” इन आनंद भरे वाक्यों में पास्का दिवसत्रय अपनी खुशी की चरम पर पहुंचती है। इन वाक्यों में केवल खुशी और आशा की घोषणा नहीं है वरन हम इनमें एक उत्तरदायित्व और प्रेरिताई के संबोधन की झलक पाते हैं। यह उद्घोषणा जिनके लिए पास्का दिवसत्रय हमें तैयारी करते हुए स्वागत करने हेतु तैयार करता है, हमारे विश्वास और आशा का केन्द्र-विन्दु है। यह वह सुसमाचार है जो कलीसिया को लगातार सुसमाचार की घोषणा करने हेतु प्रेरित करता और जो हमें येसु ख्रीस्त के सुसमाचार का संदेशवाहक बनाता है।

संत पौलुस पास्का की घटना को व्यक्त करते हुए कहते हैं,“आप पुराना खमीर निकाल कर शुद्ध हो जाये, जिससे आप नया सना हुआ आटा बन जायें, क्योंकि हमारा पास्का का मेमना अर्थात् येसु मसीह मारे गये हैं।”(1 कुरि.5.7) वे हमें पुरर्जीवित प्रभु के बारे में बतलाते हुए कहते हैं, “वही ईसा हमारे अपराधों के कारण पकड़वाये गये और हमारी पापमुक्ति के लिए जी उठे।” (रोमि.4.25) पास्का दिवसत्रय में हम मानव हेतु मुक्तिविधान की घटना के सार को अपने हृदय में कृतज्ञता भरे मनोभावों से याद करते और इसके साथ ही अपने बपतिस्मा में नये जीवन की यादगारी मनाते हैं। प्रेरित संत पौलुस इसे घोषित करते हुए कहते हैं, “यदि आप लोग मसीह के साथ जी उठे हैं, तो ऊपर की चीजें खोजते रहें। आप पृथ्वी पर की नहीं, ऊपर की चीजों की चिंता करें।”(कलो.3.1-3) वास्तव में, बपतिस्मा द्वारा येसु ख्रीस्त में हम सबों का नया जन्म हुआ है, हम सभी संसार के तर्कानुसार एवं सांसारिक रुप में मर गये हैं।

एक ख्रीस्तीय यदि वह वास्तव में अपने को येसु ख्रीस्त के द्वारा शुद्ध होने देता, यदि वह येसु ख्रीस्त में अपने को सारी चीजों से विरक्त कर लेता तो वह मृत्यु को प्राप्त नहीं करता है। इस भांति हम अपने जीवन में अपने सबसे छोटे पड़ोसी को भी जो दुःख भरी परिस्थिति में जीवन यापन करता, येसु ख्रीस्त के प्रेम का प्रमाण देने के योग्य बनते हैं जिसे येसु ख्रीस्त ने हमें दिया है। इस भाँति संसार हमारे लिए नया जीवन हेतु एक नया स्थल बनाता है। हम उन लोगों के साथ खड़े होते हैं जो आज भी येसु की भांति अपमानित होते, जो दुःख सहते, नंगे, अकेलेपन, मृत्यु और जरूरत की स्थिति में रहते हैं। हम येसु ख्रीस्त का धन्यवाद अदा करते हैं जो हमारे लिए मुक्ति, आशा, जीवन और पुनरुत्थान का कारण बनते हैं।

संत पापा ने कहा प्रिय भाइयो एवं बहनों, आइए हम अपने को तैयार करें जिससे हम इस पास्का दिवसत्रय को भालि भांति जीने के योग्य बन सकें और येसु ख्रीस्त की मृत्यु और जीवन के रहस्य में और अधिक गहराई में सम्मिलित हो सकें। कुंवारी माता मरियम हमारी इस यात्रा में सहायता करे जिन्होंने येसु के दुःखभोग में उनका साथ दिया। वे अपने बेटे के साथ क्रूस के नीचे खड़ी रही और एक माता के रुप में पुत्र के पुनत्थान की खुशी में पूर्ण रूपेण सहभागी हुई। वह हमारे लिए आने वाले दिनों को उचित रुप में व्यतीत करने हेतु कृपा प्राप्त करे जिससे हमारा मन दिल सचमुच में परिवर्तित हो सके।

इतना कहने के बाद संत पापा ने अपनी धर्मशिक्षा माला समाप्त की और सभी तीर्थयात्रियों और विश्वासी समुदाय का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि मैं आप सबों को, आप के समुदायों को और आप के सभी प्रियजनों को पुण्य पास्का की शुभकामनाएँ प्रदान करता हूँ। उन्होंने युवाओं, बुजुर्गों, बीमारों और नव विविहातितों की याद की। उन्होंने कहा कि हम कल पास्का दिवसत्रय की शुरूआत कर रहते हैं। आप सब येसु के लोहू पर चिंतन करें जिसे उन्होंने हमारी मुक्ति हेतु बहाया।  पवित्र शुक्रवार हमें अपने दुःख की घड़ी में धैर्यवान बने रहने की शिक्षा प्रदान करती है जबकि येसु का पुनरुत्थान हमें जीवन के विरूद्ध और संसार की सारी चीजों में विजय की खुशी से भर देता है।

इतना कहने के बाद संत पापा फ्राँसिस ने सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों के साथ हे हमारे पिता प्रार्थना का पाठ किया और सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया। 


(Dilip Sanjay Ekka)

28/03/2018 15:51