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झारखंड अदालत ने हत्या के मामले में पहली सजा सुनायी

हिंदू जागरूकता द्वारा मुसलमानों और निम्न जाति दलितों के हमले के विरोध में विरोध प्रदर्शन में 18 जुलाई, 2017 - AFP

22/03/2018 16:33

रामगढ़, बृहस्तपतिवार 22 मार्च 2018 (मैटर्स इंडिया) : झारखंड में एक विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने 21 मार्च को एक मांस व्यापारी की हत्या में संलग्न 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

झारखंड राज्य की राजधानी रांची से 45 किलोमीटर की दूरी पर रामगढ़ की अदालत ने 12वें अपराधी को किशोर होने के नाते छोड़ दिया।

29 जून, 2017 को अपने वाहन में मांस ले जा रहे अलीमुद्दीन अंसारी उर्फ असगर अली की हत्या का आरोप इन 12 लोगों पर लगाया गया था।

इससे पहले 16 मार्च को रामगढ़ के अपर जिला अदालत -2 के न्यायाधीश ओम प्रकाश ने सभी अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता के विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया, जिसमें 302 (हत्या) शामिल हैं।

‘द हिंदू’ अखबार ने रिपोर्ट में बताया कि यह देश में इस तरह की हत्या के मामले में पहली सजा है।

अपर सरकारी अभियोजक सुशील कुमार शुक्ला ने कहा, " उन्हें उम्रकैद की सजा के अलावा अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 2,000 का जुर्माना भी लगाया है।"

अदालत ने पीड़ित के परिवार के लिए पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही शुरू करने हेतु जिला सेवाओं के कानूनी अधिकारियों को भी निर्देश दिया है।

पीड़ित की पत्नी, मरियम खातुन, ने न्याय का स्वागत किया और कहा,"मेरे पति की मृत्यु एक अपूर्णीय हानि के रूप में आई। अभियुक्तों का इससे कम सजा मिलनी भी नहीं चाहिए।"

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतर्कता समूह द्वारा इस तरह के हमलों के खिलाफ चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद ही यह हत्या की गई। अपनी चेतावनी में उन्होंने कहा कि “गायों को बचाने के नाम पर लोगों की हत्या अस्वीकार्य है।”

विदित हो कि 29 जून, 2017 को चितरपुर इलाके से रामगढ़, अपनी गाड़ी में मांस ले रहे 55 वर्षीय अलीमुद्दीन अंसारी को गौ रक्षा समिति (गाय चौकस संगठन) के कथित अनुयायियों ने हमला किया। गौ रक्षा समूह ने रामगढ़ पुलिस स्टेशन के इलाके के बजारटांड इलाके में गैस एजेंसी के पास उसे पकड़ लिया और सार्वजनिक रूप से उसे मारने से पहले उसके बाहन को आग लगा दी। इस घटना का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया और निजी समाचार चैनलों पर वायरल हो गया।

जून 2017 में एक रायटर की रिपोर्ट में, एक डेटा पत्रकारिता वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा गया कि 2010 के बाद से गाय संबंधित हिंसा में 28 भारतीयों की हत्या की गई जिसमें 24 मुसलमान मारे गए और 124 घायल हुए।


(Margaret Sumita Minj)

22/03/2018 16:33