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पुरोहित द्वारा नशाखोरी के इलाज में योगा के प्रयोग पर बने फिल्म ने जीता पुरस्कार

कचड़े से सामान लाते हुए हैती के झोपड़ी के बच्चे - AP

02/03/2018 15:33

मुम्बई, शुक्रवार 02 मार्च 2018 (ऊकान) : ब्रिटिश फिल्म निर्माता फिलिप फ्रिस्बी द्वारा फादर जोसफ परेरा के नशीली दवाओं की लत को छुड़ाने के लिए बने योग केंद्र पर बनाये गये फिल्म ने जयपुर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2018 में पुरस्कार जीता।

मुंबई में कृपा धारावी सेंटर पर फिल्म, ‘द सर्कल’, एक कहानी है जिसे बताया जाना चाहिए, "फ्रिस्बी ने कहा, जो प्रमाणित आयंगर योग शिक्षक भी है।

इस फिल्म में चार सड़क पर जीने वाले बच्चों के जीवन का वर्णन किया गया है जो कचड़े से उपयोगी सामान खोजकर उन्हें बेचते हैं और इसतरह अपनी रोजी रोटी कमाते हैं। वे अपने आंतरिक दर्द को रोकने के लिए नशीली दवाओं का उपयोग करते और वे नशे के चंगुल में फँस जाते हैं।

इस फिल्म में बच्चे स्कूल जा रहे है, केंद्र में दूसरे लड़कों के साथ दोस्ती बनाते हैं और भविष्य के लिए आशा और उनके आत्मसम्मान के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया की शुरुआत होती है।

फ्रिस्बी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "मैंने इस फिल्म के लिए मेरी बचत के लगभग सब रुपये खर्च कर दिया है और जब हमें पुरस्कार मिला है, तो मुझे बहुत खुशी मिली। लेकिन मेरे लिए, दुनिया के साथ इस प्रेरणादायक कहानी को साझा करना अधिक महत्वपूर्ण था।"

मुम्बई का धारावी इलाका एशिया का दूसरा सबसे बड़ा झोपड़ पट्टी है और यह 700,000 से ज्यादा लोगों का घर है। ड्रग्स के आदी रहे स्ट्रीट बच्चों के पुनर्वास के लिए दो दशक के पहले फादर परेरा ने ‘कृपा केंद्र’ शुरू किया था।

फादर परेरा ने बताया कि विदेशी विश्वविद्यालयों के कई युवा छात्र भी केंद्र का दौरा करते हैं और बच्चों के साथ विभिन्न उपयोगी कौशल साझा करते हैं।

निर्देशक फ्रिस्बी ने कहा कि अब ‘द सर्कल’ के माध्यम से इस बारे में और अधिक लोगों को पता चल जाएगा। उनके लिए यह एक अनूठा अनुभव था। ।


(Margaret Sumita Minj)

02/03/2018 15:33