Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

कलीसिया \ भारत की कलीसिया

केरल, एक पूर्व साक्रिस्टियन द्वारा पुरोहित की हत्या

खजूर रविवार में जुलुस करते हुए पुरोहित - EPA

02/03/2018 16:22

मुम्बई, शुक्रवार 02 मार्च 2018 (एशियान्यूज) : केरल के एक 52 वर्षीय पुरोहित को तीर्थयात्रा के दौरान एक पूर्व साक्रिस्टियन ने चाकू मार कर हत्या कर दी। फादर जेवियर थेलेकाट अंगमाली धर्मप्रांत, सीरो-मालाबार रीति के पुरोहित थे और संत थोमस अतरराष्ट्रीय तीर्थालय, कुर्सीमाला के रेक्टर थे।

तीर्थालय के प्रवक्ता जिम्मी ने सूचित किया कि पुरोहित पर हमला एक गिरजाघर की देखभाल और कब्रिस्तान के रखरखाव करने वाले पूर्व कर्मचारी जोन्नी ने किया।

स्थानीय स्रोतों के अनुसार, फादर थेलेकाट ने तीन महीने पहले उसे काम से निकाल देने की धमकी दी और काम पर नहीं आने को कहा था। गवाहों का कहना था कि जोन्नी ने बार-बार काम में दोबारा बहाल करने के लिए फादर से कहा, लेकिन फादर ने इसके लिए सहमति नहीं दी।

प्रवक्ता जिम्मी ने बताया कि घटना 1 मार्च को स्थानीय समय अनुसार दिन के 10,45 बजे के करीब हुई जब फादर थेटेकाट गिरजाघर के पीछे के पहाड़ से नीचे आ रहे थे। पूर्व साक्रिस्टियन ने फादर का रास्ता रोक दिया और दोनों में बहस शुरु हुई और गुस्से में आकर साक्रिस्टियन ने फादर को चाकू मार दिया।

फादर को धायल करने के बाद वह जंगल में भाग गया और अभी भी लापता है। फादर के एक जांघ में चाकू लगी। घायल फादर की अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक खून बह जाने की वजह से मृत्यु हो गई। तीर्थयात्रा स्थल, जंगल में बना है और सड़क से लगभग 3 किमी दूर है। यहाँ अस्पताल पहुँचने के लिए कोई यात्रा सुविधा नहीं है।

परंपरा के अनुसार, प्रेरित संत थॉमस सन् 52 ई. में केरल के तटीय क्षेत्र में उतरे और वहां उन्होंने 20 साल बिताया। तीर्थालय एक पहाड़ी पर बना हुआ है इसी एकान्त स्थान में प्रेरित घंटों प्रार्थना में समय बिताते थे।

वाटिकन ने सन् 2004 ई. में इसे एक अंतरराष्ट्रीय काथलिक तीर्थालय घोषित किया।   


(Margaret Sumita Minj)

02/03/2018 16:22