Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

कलीसिया \ भारत की कलीसिया

हज़ारों ने याद किया सिस्टर रानी मरिया को

फ्राँसिसकन क्लेरिस्ट धर्मसमाज की सि. रानी मरिया - RV

28/02/2018 11:24

देवास, बुधवार, 28 फरवरी 2018 (ऊका समाचार): मध्यप्रदेश के देवास ज़िले स्थित उदयनगर में विगत शनिवार 24 फरवरी को धन्य सि. रानी मरिया के प्रथम स्मृति दिवस पर हज़ारों श्रद्धालुओं ने उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। समाधि पर अर्पित ख्रीस्तयाग में छः काथलिक धर्माध्यक्षों, 200 धर्मबहनों एवं पुरोहितों सहित लगभग डेढ़ हज़ार काथलिक धर्मानुयायी शामिल थे।   

‎सन् 1995 ई. की 24 फरवरी को सि. रानी मरिया की हत्या कर दी गई थी। वे निर्धन किसानों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिये उनकी वकालात का नेक कार्य करती रही थीं। गाँववासियों के बीच सि. रानी मरिया के कार्यों से क्रुद्ध ज़मीनदारों ने सिस्टर को रानी मरिया को मरवा डाला था। उस समय किराये पर लिया गया हत्यारा समन्दर सिंह 22 वर्ष का था जिसने बाद में अपना गुनाह कबूल कर मनपरिवर्तन कर लिया है।

विगत नवम्बर माह में सि. रानी मरिया को धन्य घोषित किया गया था तथा उनकी सन्त घोषणा प्रक्रिया वाटिकन स्थित सन्त प्रकरण परिषद में जारी है।

धन्य रानी मरिया की समाधि पर ख्रीस्तयाग का नेतृत्व करते हुए नागपुर के महाधर्माध्यक्ष अब्राहम वीरुथाकुलंगड़ा ने कहा, "धन्य रानी मरिया हमारे देश के कठिन समय में निर्धनों की सेवा हेतु कलीसियाई कार्यकर्त्ताओं का आदर्श हैं।" 

इन्दौर के धर्माध्यक्ष थोटूमारीकल ने कहा, "मध्यप्रदेश के ख्रीस्तीयों को अपने मिशन के सम्पादन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ऐसी परिस्थिति में सि. रानी मरिया हमारे लिये आशा एवं प्रोत्साहन का प्रकाशस्तम्भ हैं।"

ग़ौरतलब है कि मध्यप्रदेश की सात करोड़ तीस लाख की आबादी में ख्रीस्तीय धर्मानुयायी केवल एक प्रतिशत हैं जिन्हें हाल के वर्षों में हिन्दू चरमपंथियों के हमलों का सामना करना पड़ा है। भारत के ख्रीस्तीय नेताओं का मानना है कि सन् 2014 में भाजपा सरकार के सत्ता में आ जाने के बाद से ये हमले सघन हुए हैं।

परसेक्यूशन रिलीफ नामक भारतीय ख्रीस्तीय मंच द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार विगत वर्ष ख्रीस्तीय विरोधी हमले दुगुने हुए हैं। सन् 2016 में 348 ख्रीस्तीय विरोधी हमले दर्ज़ किये गये जबकि 2017 में हमलों की संख्या 736 तक पहुँच गई है। केवल मध्यप्रदेश में ही 2017 के दौरान 52 ख्रीस्तीय विरोधी आक्रमण हुए। 2016 में आक्रमणों की संख्या 28 थी।


(Juliet Genevive Christopher)

28/02/2018 11:24