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बाल यौन शोषण के शिकार लोगों की चंगाई हेतु प्रार्थना एवं उपवास

अस्ट्रेलिया के धर्माध्यक्ष विश्वासियों के साथ ख्रीस्तयाग में भाग लेते हुए - EPA

13/02/2018 16:20

ऑस्ट्रेलिया, मंगलवार, 13 फरवरी 2018 (वाटिकन न्यूज़): ऑस्ट्रेलिया के काथलिक, बाल यौन उत्पीड़न के शिकार लोगों की चंगाई हेतु चार दिनों का उपवास करते हुए, बाल यौन शोषण के लिए पश्चाताप करेंगे। 

ऑस्ट्रेलिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने काथलिक समुदाय से आह्वान किया है कि चालीसा के प्रथम चार दिन, कलीसिया में बाल यौन उत्पीड़न की ‘त्रासदी’ के लिए खेद व्यक्त करते हुए उपवास एवं सुधार कार्यों में व्यतीत किये जाएँ। 

धर्माध्यक्षों द्वारा प्रकाशित धर्मपत्र में कहा गया है कि काथलिकों को अपने ही घरों एवं पल्लियों  में प्रार्थना करने हेतु प्रोत्साहन दिया जाता है कि वे व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक दोनों रूपों में पीड़ित लोगों की चंगाई के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने 14 से 17 फरवरी तक विशेष प्रार्थना एवं धर्मविधि की भी घोषणा की है जिनमें पवित्र घड़ी, बेनेदिक्शन, पश्चाताप की धर्मविधि और कलीसिया की संध्या वंदना शामिल है।

धर्मपत्र में कहा गया है कि "उपवास के द्वारा हम पीड़ितों एवं यौन शोषण के शिकार लोगों के साथ एकात्मता व्यक्त करते हैं जिन्हें अपने जीवन में चंगाई एवं शांति की तलाश है। सुधार के द्वारा हम कलीसिया के पापों के लिए क्षतिपूर्ति करना चाहते हैं जिसने बच्चों का शोषण किया अथवा उन्हें सुनने और उनकी मदद करने में असफल रही।" आगे कहा गया है कि ये आध्यात्मिक अभ्यास, ईश्वर के साथ मेल-मिलाप करने एवं चंगाई की कृपा की अभिलाषा को व्यक्त करते हैं।

 धर्माध्यक्षों ने पत्र में स्वीकार किया है कि कलीसिया के धर्मगुरूओं द्वारा क्षमा मांगना काफी नहीं है इसलिए नहीं कि उन्होंने ईमानदार पूर्वक क्षमा नहीं मांगी बल्कि इसलिए कि भरोसा तोड़ दिया गया है। हम अपने दृढ़-संकल्प के साथ यह सुनिश्चित करते हैं कि काथलिक कलीसिया में बच्चों का शोषण फिर कभी नहीं होगा तथा भरोसा का नया संबंध स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि "हम अतीत को पूर्ववत नहीं कर सकते बल्कि ईश्वर की सहायता से भविष्य को बेहतर अवश्य बना सकते हैं।"


(Usha Tirkey)

13/02/2018 16:20