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संत पापा ने ‘सेक्रेड स्टिग्माटा ऑफ आवर लोर्ड जीसस’ धर्मसमाज के प्रतिनिधियों को संबोधित किया

संत पापा फ्राँसिस अपने सेक्रेटरी के साथ - ANSA

10/02/2018 15:30

वाटिकन रेडियो, शनिवार 10 फरवरी 2018 (वीआर) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के कार्डिनल मंडल –भवन में ‘सेक्रेड स्टिग्माटा ऑफ आवर लोर्ड जीसस क्राइस्ट’ धर्मसमाज के आम सभा के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

संत पापा ने भवन में उपस्थित 15 देशों से आये सभी प्रतिभागियों के स्वागत करते हुए सुपीरियर जनरल को उनके स्वागत भाषण के लिए धन्यवाद दिया। संत पापा ने कहा, "आप परमेश्वर के वचन को सभी स्वरूपों में युवा पीढ़ी के पास लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आप धर्मप्रांतों में धर्माध्यक्षों और पल्लियों की सेवा और सुसमाचार प्रचार में सहयोग देते हैं । इसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ। मैं आपको और आपके समुदायों को ईश्वर के वचन की आग को शहरों और दूर-दराज देहातों में लोगों के बीच जलाये रखने का आग्रह करता हूँ।

सुसमाचार में येसु कहते हैं,"मैं पृथ्वी पर आग लेकर आया हूँ और मेरी कितनी आभिलाषा है कि यह अभी धधक उठे! " (लूकस 12,49) आप येसु के पद चिन्हों पर चलते हुए उसकी आग को जलाये रखने के लिए बुलाये गये हैं। संत पापा ने कहा कि संत लूकस के सुसमाचार में हम एक और तरह की आग के बारे चर्चा पाते हैं। एक बार येसु और उसके चेले येरुसलेम की ओर जा रहे थे। रास्ते में येसु ने समारियों के एक गाँव में अपने चेलों को भेजा पर उन समारियों ने उनको स्वीकार नहीं किया। इसपर योहन और याकूब दो चेलों ने येसु से कहा, "प्रभु, आप चाहें, तो हम यह कह दें कि आकाश से आग बरसे और उन्हें भस्म कर दे। पर येसु ने उन्हें डांटा और वे दूसरी बस्ती चले गये।" (लूकस 9,54-55) संत पापा ने कहा कि यह गलत तरह की आग है यह ईश्वर को पसंद नहीं है। येसु उस प्रेम रुपी आग के बारे कहते हैं जो दूसरे की स्वतंत्रता का आदर करता है।   

संत पापा ने कहा कि सुसमाचार का प्रचार खुशी और दीनता के साथ की जानी चाहिए जैसा कि आपके संस्थापक संत गासपारे बेरतोनी ने किया। उन्होंने लोगों का स्वागत किया और हर किसी के साथ प्रेम से बातें की और वे सत्य के मर्म पर लोगों का दिल जीत लेते थे। इसलिए आप उनके मिशनरी शिष्य और सुसमाचार प्रचारक हैं, लोगों को अपने जीवन की खुशी और नम्रता के साथ एवं मसीह के साथ मिलकर लोगों का मनपरिवर्तन करने में मदद कर सकते हैं। जो लोग सुसमाचार प्रचार करते हैं, हमेशा उनकी सराहना और स्वागत नहीं किया जाता, कभी-कभी उन्हें कष्ट सहना पड़ता है। उन्हें सताया जाता है। कभी कभी जेल की हवा खानी पड़ती और मार डाला जाता है। यह आप अच्छी तरह जानते हैं! फिर भी हमें धीरज रखनी चाहिए। हमें येसु और उसके सत्य के वचन के बारे में गवाही देने से डरना नहीं चाहिए।

संत पापा ने कहा, वह अच्छी आग, येसु की आग है जो पवित्र आत्मा में बपतिस्मा देती है: "मैं पृथ्वी पर आग लगाने के लिए आया हूँ" (लूकस 12, 49)। यह पवित्र आग है जो दिल को शुद्ध करता है और यह पवित्र आत्मा की आग है जो पेंतेकोस्त के दिन शक्तिशाली रुप में सभी विश्वासियों पर उतरा। आग जो अन्य धातुओं से सोने को अलग करती है, वह यह है कि जो कम मूल्यवान को अधिक मुल्यवान से अलग करने में मदद करती है। येसु कहते हैं, "हर व्यक्ति आग रुपी नमक द्वारा रक्षित किया जाएगा।" (मरकुस 9:49)। संत पापा ने कहा कि यह परीक्षणों और कठिनाइयों की आग है जो हमें कठोर बनाता है, हमें मजबूत और बुद्धिमान बनाता है। यह भाईचारे की आग है जो ईश्वर के नाम पर एकत्रित समुदाय को उद्घोषणा के तैयार करता और भेजता है। "जहां मेरे नाम पर दो या तीन इकट्ठे होते हैं, वहां मैं उनके बीच हूँ।" (मत्ती 18:20)। मिशनरियों के समुदाय के प्यार की गवाही सुसमाचार की घोषणा की पुष्टि है, यह "आग की परीक्षा" है। यदि किसी समुदाय में एक अच्छी आग की कमी है, तो ठंड, अंधेरा, अकेलापन है। यदि भाईचारे के प्रेम की आग है, तो गर्मी  प्रकाश और आगे बढ़ने की ताकत है और नए मिशन के लिए प्रेरित करती है।  

संत पापा ने उन्हें इस आग के उन ख्रीस्तीय समुदायों पर पहुंचाने को कहा जहाँ विश्वास रुपी आग बुझती जा रही है। उन विश्वासियों को प्रभु की शक्ति मिले। वे गरीबों, जीवन से दुखित और हताश लोगों, कैदियों, प्रवासियों और बेधर लोगों के पास जाये और येसु के प्रेम और दया की आग से उनके जीवन में आशा तथा खुशी लायें।

      संत पापा ने कहा कि संत्थापक संत गास्पारे बेरतोनी के मिशन को जारी रखने के लिए प्रशिक्षण के दौरान उन्हें हर परिस्थिति में लोगों से मिलने और उनकी मदद करने हेतु अच्छी तरह से तैयार किया जाता है। अतः आप सुसमाचार के प्रचार में धर्मप्रांतों की जरुरत अनुसार आपने आप को समर्पित करें। ईश्वर पवित्र आत्मा की आग से आपके मिशनरी कार्यों को प्रज्वलित करे। अंत में संत पापा ने धर्मसंघ को संत जोसेफ और माता मरियम के संरक्षण में रखते हुए उनेहें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया। 


(Margaret Sumita Minj)

10/02/2018 15:30