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यमन में बन्धक रखे गये पुरोहित फादर टॉम ने प्रकाशित की पुस्तक

साईलिशियन धर्मसमाजी पुरोहित फादर टॉम ऊझुन्नालिल - RV

09/02/2018 11:12

बैंगलोर, शुक्रवार, 9 फरवरी 2018 (ऊका समाचार): यमन में 18 माहों तक बन्धक रखे गये भारत के काथलिक पुरोहित फादर टॉम उज़ुननलिल ने "बाय द ग्रेस ऑफ गॉड" शीर्षक से अपनी आत्मकथा जारी की है।

फादर टॉम को सितम्बर 2017 में रिहा किया गया था।

58 वर्षीय पुरोहित फादर टॉम ने 2 फरवरी को भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की बैठक के दौरान अपनी पुस्तक का विमोचन किया।

साईलिशियन धर्मसमाजी सम्प्रेषण माध्यम एजेन्सी (एएनएस) ने बताया कि पुस्तक में फादर टॉम के बाल्यकाल, साईलिशियन धर्मसमाज में उनके प्रशिक्षण काल, यमन में उनकी मिशनरी सेवाओं तथा उनके अपहरण से लेकर 18 माहों तक उनके बन्धक रखे जाने का विवरण है।

अपने अपहरण से पूर्व केरल के मूल निवासी फादर टॉम ने 14 वर्षों तक यमन में उदारता के मिशनरी धर्मसंघ की धर्मबहनों के साथ मिलकर रोगियों, पीड़ितों एवं बेघर लोगों को सेवाएँ अर्पित की थी। 04 मार्च 2016 को एडन में उनका अपहरण कर लिया गया था। अज्ञात बन्दूकचियों ने उस अवसर पर धर्मबहनों के आश्रम में सेवारत चार धर्मबहनों, दो यमनी महिलाओं, आठ वयोवृद्धों तथा एक चौकीदार को मार डाला था।


(Juliet Genevive Christopher)

09/02/2018 11:12