Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

कलीसिया \ भारत की कलीसिया

कंधमाल शहीदों के लिए प्रार्थना शुरू की गई

कटक-भुवनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जॉन बारवा और नये पुरोहित - RV

07/02/2018 15:01

भुवनेश्वर, बुधवार 7 फरवरी 2018 (एशियान्यूज) :  कटक-भुवनेश्वर महाधर्मप्रांत ने कंधमाल के शहीदों के संत प्रकरण हेतु प्रार्थना शुरु की। सात सदस्यों के दल ने कटक-भुवनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जॉन बारवा और ओडिशा के धर्माध्यक्षों से परामर्श लेने के बाद अंग्रेजी और ओड़िया भाषा में प्रार्थना तैयार की है।

2007-2008 में कंधमाल में ख्रीस्तीय-विरोधी हिंसा लगभग चार महीने तक चली थी और लगभग 100 ख्रीस्तीयों को मार दिया गया था, 300 गिरजाघरों और 6,000 घरों को लूटा गया और बर्बाद किया गया था जिसमें 56,000 लोग बेघर हो गये थे।

हिंसा के गवाह अनकलेतो नायक ने कहा,"येसु ने हमें पिता ईश्वर से प्रार्थना करना सिखाया है हम प्रार्थना करते हैं जिससे कि कंधमाल की हिंसा में मरे लोगो शहीद घोषित किये जा सकें। हमारे भाई साहसी थे और येसु मसीह में विश्वास करने के लिए मरने को भी तैयार थे। अंत में मौत के स्वीकार कर उन्होंने अपने विश्वास की गवाही दी।"

महाधर्माध्यक्ष बारवा 24 अप्रैल 2016 को संत प्रकरण हेतु एक दल का संगठन किया जिसके समन्वयक प्रतिधर्माध्यक्ष फादर प्रदोश तन्द्र नायक हैं। दल के अन्य सदस्य हैं, फादर अजय सिंह, फादर जुगल किशोर डिंगल, फादर रविन्द्र कुमार रानासिंह, फादर मदन साउलसिंह और फादर दिबाकर पारिच्चा।

महाधर्माध्यक्ष बारवा ने संत प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 3 दिसंबर 2016 को फादर पुरुषोत्तम नायक को कंधमाल शहीदों की प्रक्रिया के लिए दस्तावेज तैयार करने का कार्य सौंपा। फादर नायक महाधर्माध्यक्ष के सचिव और ओडिशा काथलिक धर्माध्यक्षीय परिषद  के उप-सचिव हैं।

कंधमाल के शहीदों के लिए प्रार्थना आधिकारिक तौर पर ओडिशा के सभी धर्मप्रांतों में वितरित किया गया।

कटक-भुवनेश्वर के पूर्व प्रतिधर्माध्यक्ष फादर जोसेफ कलथिल ने कहा," "कंधमाल के ख्रीस्तीय मसीह पर विश्वास के खातिर ख्रीस्तीय-विरोधी हिंसा के पीड़ितों ने विश्वास की सच्चाई का सर्वोच्च गवाह प्रकट किया। इसका मतलब है कि वे उस मसीह के गवाह हैं जो मर गये और जी उठे।"

फादर कलथिल ने कहा, "शहीदों के लिए प्रार्थना करना, धर्मप्रांत और ओडिशा के हर कोने में निश्चित रूप से मसीह में हमारे विश्वास और पीड़ितों के लिए आदर और सम्मान को बढ़ा देगा। उनका उदाहरण हमें मसीह के मिशन में समर्पित होने और प्रतिबद्धता के साथ  करने के लिए प्रेरित करेगा। "


(Margaret Sumita Minj)

07/02/2018 15:01