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संत पापा फ्राँसिस \ मुलाक़ात

संत पापा फ्राँसिस ने राष्ट्रीय सूदखोर विरोधी संध के सदस्यों को संबोधित किया

राष्ट्रीय सूदखोर विरोधी संध के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस

03/02/2018 15:54

वाटिकन सिटी, शनिवार 3 फरवरी 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 3 फरवरी वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में राष्ट्रीय सूदखोर विरोधी संध के करीब 300 सदस्यों से मुलाकात की। संत पापा ने उनसे मिलने की खुशी जाहिर करते हुए संध के अध्यक्ष को उनके कार्यकलापों से अवगत कराने हेतु धन्यवाद दिया।

संत पापा ने कहा, "दुर्भाग्य से पूरे विश्व में व्याप्त इस समस्या के बारे आपके साथ मेरे विचारों को साझा करने के लिए प्रसन्नता हो रही है। मैं फादर मासीमो रास्त्रेली की भी याद करता हूँ जो अपनी बीमारी के कारण यहाँ उपस्थित नहीं हो सके। जिन्होंने 1991 में सूदखोर विरोधी फाउंडेशन की स्थापना की थी।

संत पापा ने कहा कि वे सूदखोरी के खिलाफ उनके संघर्षों के बारे में अवगत हैं और उनके कार्यों के बारे जानने के लिए उत्सुकता रखते हैं। उन्होंने सूदखोरी के खिलाफ ठोस कदम उठाया है। इसके खिलाफ देश के नये नियमों से लोगों को वाकिफ कराने और इस संघर्ष से निकलने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में ‘सुनवाई केंद्र’ खोला है।

संत पापा ने कहा," सूदखोरी एक गंभीर पाप है। यह लोगों के जीवन को समाप्त कर देता है, लोगों की गरिमा को कुचल देता है। यह भ्रष्टाचार का एक वाहन है जो एक देश के सामाजिक और आर्थिक नींव को भी कमजोर करता है। वास्तव में, इतने सारे गरीब लोगों के साथ, कई ऋणी परिवार, गंभीर अपराधों और इतने भ्रष्ट लोगों के साथ, कोई भी देश गंभीर रुप आर्थिक सुधार की योजना नहीं बना सकता है।"

संत पापा ने कहा, "आपके 26 वर्षों की सेवा में आपने 25 हजार से अधिक परिवारों को ऋण की पकड़ से और सूदखोरी की जोखिम से बचा लिया है। उनका घर और छोटी कंपनी बचाने में मदद की, जिसे उनसे छीन लिया गया था। आपने उनकी गरिमा फिर से प्राप्त करने में उनकी मदद की और इस तरह के कार्य करने हेतु हम आपके प्रति आभारी हैं।  

संत पापा ने कहा कि व्यक्तियों और संस्थानों में वैधता और ईमानदारी के आधार पर मानसिकता का विकास करना आवश्यक है। जरूरतमंदों के लिए स्वयंसेवकों की उपस्थिति बहुत जरुरी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी अपमानित स्थिति से उपर उठने के लिए कोई उनकी सुने और उन्हें सलाह दें।

उन्होंने कहा, "धन और भ्रष्टाचार का सामना करके, आप पीड़ितों को आशा और शक्ति प्रदान करते हैं, ताकि वे विश्वास के साथ और जरूरत में खुद उन परिस्थितियों का सामना सकें।"

अंत में, संत पापा  फ्राँसिस ने "एक नई आर्थिक मानवतावाद के लिए अपील की, जो 'बहिष्कार और अनुचित अर्थव्यवस्था का अंत करता है' जो "कचरे की संस्कृति को समाप्त करता है। संत पापा ने उन्हें अपने कार्यों को जारी रखने हेतु शुभकामनायें दी।


(Margaret Sumita Minj)

03/02/2018 15:54