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महिलाओं की तस्करी के खिलाफ, नेपाल का काथलिक स्कूल

प्रतीकात्मक तस्वीर - AP

01/02/2018 15:27

नेपाल, बृहस्पतिवार, 1 फरवरी 2018 (रेई): यूनिसेफ के अनुसार हरेक साल नेपाल की 7,000 लड़कियाँ अवैध रूप से भारत भेजी जाती हैं तथा वर्तमान में करीब 200,000 लड़कियाँ वेश्यालयों की शिकार हैं। कुछ ग़ैरसरकारी संगठनों के मुताबिक यह संख्या और भी बड़ी है। यही कारण है कि नेपाल में मानव तस्करी खासकर, महिलाओं की तस्करी को रोकने के लिए नारी शिक्षा एवं रोजगार को बढ़ाना प्रभावशाली रास्ता है।

फिदेस को मिला जानकारी के अनुसार येसु धर्मसमाज की धर्मबहन मरिस्सा वायालिल समाज में नेपाली महिलाओं के उत्थान हेतु सेवारत हैं। उनका कहना है कि "परिवारों में जागृति लाने की आवश्यक है, शिक्षा एवं समाज में महिलाओं के उत्थान को सुनिश्चित करना तथा कानूनों के एक अधिक सख्त याचिका को बढ़ावा देना। इस तरह मानव तस्करी को रोकने के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है।"  

समाज सेवा से जुड़ी ये धर्मबहन एक शिक्षिका तथा काथमाण्डु सेंट मैरीस सेकेंडरी स्कूल की प्रबंधक हैं। उस स्कूल में सभी समुदायों के लोग विद्या अर्जित कर सकते हैं वहां जाति-धर्म एवं धनी-गरीब का कोई भेदभाव नहीं है। लड़कियों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान दी जाती है लेकिन उन्हें अपने व्यक्तित्व को व्यापक अर्थों में विकसित करने, चरित्रों की ताकत और मूल्यों जैसे सच्चाई, सम्मान, वफादारी, न्याय की भावना, ईमानदारी से काम करने की ज़रूरत को बढ़ावा देने में मदद दी जाती है।

नेपाल विश्व में विकासशील देशों में से एक है जिसकी एक चौथाई आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करती है।


(Usha Tirkey)

01/02/2018 15:27