Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

वाटिकन \ घटनायें

संत पापा ने रोम के संत सोफिया महागिरजाघर में यूक्रेन के ग्रीक-काथलिकों से मुलाकात की

रोम के संत सोफिया महागिरजाघर रोम में रहने वाले यूक्रेन के ग्रीक-काथलिक समुदाय के साथ संत पापा ने मुलाकात की - REUTERS

29/01/2018 16:22

रोम, सोमवार 29 जनवरी 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 28 जनवरी को रोम के संत सोफिया महागिरजाघर का दौरा किया और वहाँ रोम में रहने वाले यूक्रेन के ग्रीक-काथलिक समुदाय से मुलाकात की। महागिरजाघर के परिसर में महाधर्माध्यक्ष स्वातोस्लाव स्वेचुक ने संत पापा के स्वागत किया।

 महागिरजाघर प्रवेश करने से पहले संत पापा ने परिसर में उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन किया और उनके स्वागत के लिए धन्यवाद दिया।

महागिरजाघर में महाधर्माध्यक्ष स्वातोस्लाव स्वेचुक के स्वागत भाषण के बाद संत पापा ने अपना संदेश दिया। संत पापा ने कहा,"इस परिसर में प्रवेश करते ही आपके मधूर गानों और गर्मजोशी स्वागत से मैं बहुत खुश हूँ आप सभी को इसके लिए धन्यवाद। मैं ईश्वर को इस सुन्दर अवसर के लिए धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने हमें यहाँ मिलाया है।

संत पापा ने कहा कि वे तीन विशेष हसतियों की याद करना चाहते हैं पहला कार्डिनल स्लिपिज है, जिसके एक सौ पच्चीसवें वर्षगांठ पर हमनें उन्हें याद किया गया था। उन्होंने ही इस सुन्दर और आकर्षक महागिरजाधर का निर्माण कराया था। दुर्भाग्यवश कुछ वर्षों के लिए इसके निर्माण को रोक दिया गया था परंतु ईश्वर ने उनकी प्रार्थना सुनी और  बड़े और अधिक सुंदर, जीवित पत्थरों का भवन निर्माण करने में मदद की। (सीएफ 1 पेत्रुस 2: 5)

संत पापा ने दूसरे व्यक्ति धर्माध्यक्ष चेमिल को याद किया जिसकी मृत्या 40 वर्ष पहले हुई और इसी गिरजाघर में उनकी कब्र है। संत पापा याद करते हैं कि जब वे 12 वर्ष के थे तभी से उन्होंने धर्माध्यक्ष चेमिल के साथ पवित्र मिस्सा में सेवक बनते थे और इस तरह वे ग्रीक-काथलिक समुदाय की प्राथनाओं, गानों और धर्मविधियों से वाकिफ हैं।

संत पापा ने कार्डिनल हुसार को याद किया जिनके साथ वे एक ही दिन कार्डिनल बनें। वे कलीसिया के न केवल धर्मगुरु ये परंतु एक बड़े भाई की तरह प्यार से अनेक लोगों की हर तरह से मदद की। अंत में वे अंधे हो गये थे परंतु उपर की चीजों को देखने में सक्षम थे

संत पापा ने कहा कि अतीत के ये गवाह ईश्वर के सामने आने वाले भविष्य के लिए खुले थे और इसलिए वर्तमान में हमें आशा देते हैं।

संत पापा ने उन्हें रोम में उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया जो इटालियन परिवार के अनेक बुजुर्ग लोगों की सेवा और अनेक परिवारों में बच्चों की देखभाल करती हैं। वे अपने बच्चों को अपने पूर्वजों से पाये विश्वास को बांटती हैं। संत पापा ने महाधर्माध्यक्ष की बातों को दोहराते हुए कबा कि बहुत सी नानियों ने युद्ध के समय में अपने बच्चों को बपतिस्मा दिया और ख्रीस्तीय विश्वास को बनाये रखा। आप बहुत साहसी हैं और आपका विश्वास पक्का है। संत पापा ने उक्रैन में रहनेवाले ख्रीस्तीयों के लिए भी प्रार्थना करने के लिए प्रेरित किया।

संत पापा ने कहा कि एकबार महाधर्माध्यक्ष अर्जेंटीना में माता मरियम की प्रतिमा उपहार में दी। उन्होंने उसे अपने कमरे की बेदी पर रखा और सुबह शाम उनसे प्रार्थना करते दिन की शुरुआत और अंत करते हैं। इस तरह वे प्रतिदिन उक्रेन की याद करते हैं।

संत पापा ने संदेश देने के बाद महाधर्माध्यक्ष के साथ मिलकर विश्वासियों को आशीर्वाद दिया।

इसके बाद महाधर्माध्यक्ष स्वातोस्लाव स्वेचुक के साथ गिरजाघर के क्रिप्टा गये। जहाँ उन्होंने धर्माध्यक्ष स्टेपन चेमिल की कब्र के सामने प्रार्थना की और मोमबत्ती जलाई।   

महागिरजाघर से बाहर निकलकर पुनः वहाँ एकत्रित विश्वासियों को संत पापा ने अभिवादन किया। संत पापा और महाधर्माध्यक्ष स्वातोस्लाव दोनों ने मिलकर उन्हें आशीर्वाद दिया और संत पापा उनसे विदा ली। 


(Margaret Sumita Minj)

29/01/2018 16:22