Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

संत पापा फ्राँसिस \ मुलाक़ात

संत पापा ने याजिदी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की

संत पापा फ्राँसिस - REUTERS

24/01/2018 15:45

वाटिकन सिटी, बुधवार 24 जनवरी 2018, (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने बुधवार 24 जनवरी को वाटिकन के संत पापा पौल छठे समागार में जर्मनी से आये याजिदी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

संत पापा ने कहा, “मैं आप सभी भाई-बहनों का तहे दिल से स्वागत करता हूँ और इस मीटिंग के लिए धन्यवाद करता हूँ, जिसके माध्यम से मैं याजिदी समुदाय के सभी सदस्यों को विशेष रूप से, विशेषकर इराक और सीरिया में रहने वाले लोगों को गले लगाता हूँ। मेरी प्रार्थना और सोच अमानवीय बर्बरता के शिकार निर्दोष पीड़ितों को जाती है। यह अस्वीकार्य है कि मनुष्यों को उनके धार्मिक आस्था के कारण सताया और मार डाला जाता है हर व्यक्ति को बिना किसी बाधाओं के अपने धार्मिक विश्वासों का स्वतंत्र रूप से मानने का अधिकार है।”

आपका इतिहास, आध्यात्मिकता और समृद्ध संस्कृति  दुर्भाग्य से मानव के मौलिक अधिकारों के अकथनीय उल्लंघन द्वारा चिह्नित किया गया है : अपहरण, गुलामी, यातना, मजबूर धर्मांतरण, हत्या। आपके तीर्थालयों और पूजा स्थलों को नष्ट कर दिया गया है। आप सबसे भाग्यशाली हैं जो इन यातनाओं से बचकर निकल आये हैं पर आपलोगों को सबसे प्यारी और सबसे पवित्र चीजों को भा छोड़ कर भागना पडा। ।

दुनिया के कई हिस्सों में ख्रीस्तीयों सहित अन्य धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक हैं जो विश्वास के कारण सताए जाते हैं।  परमधर्मपीठ इन स्थितियों की निंदा करने, अल्पसंख्यकों के संरक्षण और सम्मान का मांग करने में कभी पीछे नहीं रहती। साथ ही, वह हर जख्म को चंगा करने के लिए संवाद और सुलह के रास्ते को प्रोत्साहित करती है।         

इस त्रासदी का सामना करते हुए आपके समुदाय के प्रति हम संवेदना प्रकट करते हैं।  हम समझ सकते हैं, जैसा कि सुसमाचार कहता है, कि मनुष्य के दिल से सबसे बड़ा कपट निकल सकता है और वह है अपने भाई का विनाश,उसकी मानव गरिमा को नष्ट कर देना। संत पापा ने कहा, “एक बार फिर मैं धार्मिक समुदाय के रूप में मौजूद सभी अधिकारों के ऊपर, याजिदी समुदाय के अधिकारों के पक्ष में अपनी आवाज उठाता हूँ: किसी को भी एक धार्मिक समूह को नष्ट करने का अधिकार नहीं है।”

मैं आपके समुदाय के उन सदस्यों की भी याद करता हूँ जो अभी भी आतंकवादियों के हाथों में हैं: मैं आशा करता हूँ कि उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, साथ ही लापता लोगों  का पता लगाने का पूरा प्रयास किया जाये और मारे गए लोगों की पहचान हो और उन्हें योग्य तरीके से दफन मिले। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय निष्क्रिय दर्शक बनकर चुप नहीं रह सकता। इसलिए मैं आपके घरों और पूजा स्थलों के पुनर्निर्माण में योगदान करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और अन्य समुदायों से संबंधित संस्थाओं और अच्छे लोगों को प्रोत्साहित करता हूँ। शरणार्थियों की वापसी और याजिदी समुदाय की पहचान को बनाए रखने के लिए ठोस प्रयास किया जाये।     

ईश्वर हमें एक ऐसी दुनिया बनाने के लिए मदद करें जहां हम शांति और भाईचारे के साथ रह सकें।


(Margaret Sumita Minj)

24/01/2018 15:45