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संत पापा फ्राँसिस \ प्रेरितिक यात्रा

चिली एवं पेरू में संत पापा की यात्रा में आदिवासियों के प्रति समर्पण की पुष्टि

चिली के एक गिरजाघर में लगा बैनर जिसमें संत पापा की तस्वीर है। - EPA

13/01/2018 14:31

वाटिकन सिटी, शनिवार, 13 जनवरी 2018 (वाटिकन न्यूज़): चिली एवं पेरू में संत पापा की आगामी प्रेरितिक यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक ग्रेग बर्क ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह यात्रा उन्हें न केवल उन प्रांतों तक ले जायेगी जहाँ देश की सबसे गरीब जनता रहती है एवं जो सुदूर क्षेत्रों में बसा है किन्तु जहाँ पर्यावरण से संबंधित मुद्दे हैं तथा जहाँ आदिवासियों की जमीन के अधिकार की मांग ने हिंसा एवं तनाव को बढ़ा दिया है।

वाटिकन में पत्रकारों के समक्ष वाटिकन प्रेस कार्यालय के प्रवक्ता ने ब्रीफिंग के दौरान यात्रा का विवरण प्रस्तुत किया जो 15 से 22 जनवरी तक होगी। उन्होंने कहा कि यह विदेश में संत पापा फ्राँसिस की 22वीं प्रेरितिक यात्रा है।

बर्क ने कहा कि संत पापा इन दोनों देशों से अच्छी तरह परिचित हैं क्योंकि उन्होंने अपने नवशिष्य काल के डेढ़ साल चिली में गुजारे थे तथा कई अवसरों पर पेरू की यात्रा की है। वे वहाँ के करीब सभी धर्माध्यक्षों से परिचित हैं जो हाल ही में अद् लिमिना मुलाकात हेतु वाटिकन आये थे।

संत पापा की सप्ताह भर की इस यात्रा का उद्देश्य बर्क ने प्रेरितिक बतलाया। जैसा कि संत पापा ने अपने विडीयो संदेश में प्रकाश डाला था उन्होंने जोर दिया कि वे प्रभु की शांति एवं आशा तथा सुसमाचार के आनन्द को लेकर आ रहे हैं। 

वाटिकन प्रवक्ता ने इस बात की भी पुष्टि दी कि पर्यावरण पहलू तथा आदिवासियों के अधिकार से संबंधित मुद्दे स्पष्ट रूप से संत पापा की यात्रा के मुख्य विषय हैं।

संत पापा चिली में दक्षिण अराकानिया प्रांत का दौरा करेंगे जहाँ मापुचे समुदाय निवास करता है जिनकी जमीन पहले स्पानी उपनिवेशीयों द्वारा छीन ली गयी थी और अब लकड़ी बाग़ द्वारा। वहीं के टेमुको शहर में आदिवासी लोगों के साथ संत पापा ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे। तत्पश्चात् वे उनके प्रतिनिधियों एवं टेमुको के धर्माध्यक्ष के साथ भोजन करेंगे।   

आदिवासियों के साथ उनकी दूसरी मुलाकात पेरू के पोवेरतो मालदोनादो शहर में अमेजन आदिवासियों के साथ होगी। यह एक प्रतीकात्मक स्थल है जो पेरू का प्रवेश द्वारा माना जाता है। यह देश के क्षेत्र का 60 प्रतिशत है और लकड़ी उद्योग के कारण शोषण का शिकार है जो आदिवासी लोगों को उनकी जमीन एवं जीविका से बेदखल कर रहा है। 

सोने की खान के कारण यहाँ का एक बड़ा भूभाग बंजर भूमि एवं गड्ढ़े में परिणत हो गया है। यह बंधुवा मजदूरी, वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं और लड़कियों की तस्करी तथा देश में सबसे अधिक हत्या दर का अड्डा बन गया है।

संत पापा की यात्रा को पान अमेजन प्रांत के धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के लिए एक खिड़की के रूप में देखा जा रहा है जो 2019 के अक्टूबर माह में वाटिकन में सम्पन्न होगा।

वाटिकन प्रवक्ता ने बतलाया कि चिली एवं पेरू दोनों ही देशों में संत पापा राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करेंगे। वे धर्माध्यक्षों, पुरोहितों, धर्मसमाजियों और लोकधर्मियों से भी मिलेंगे। वे पाँच विभिन्न स्थलों में ख्रीस्तयाग का अनुष्ठान करेंगे एवं माता मरियम से प्रार्थना भी अर्पित करेंगे। संत पापा स्थानीय संतों को सम्मानित करेंगे एवं वहाँ के जेस्विट पुरोहितों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने कहा कि जैसा कि वे हमेशा करते हैं वे अपना अधिक समय लोगों को अर्पित करेंगे, विशेषकर, युवाओं, गरीबों, कमजोर लोगों, कैदियों, झुगियों में रहने वाले गरीब लोगों से मुलाकात करेंगे। वे पेरू में एल नीनो से प्रभावित लोगों से भी भेंट करेंगे जिन्होंने अपनी जमीन एवं घर, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण खो दिया है।

क्या संत पापा चिली में पुरोहितों द्वारा यौन शोषण के शिकार लोगों से भी मुलाकात करेंगे? इसके जवाब में वाटिकन प्रवक्ता ने कहा कि उसके लिए संत पापा का कोई कार्यक्रम नहीं है किन्तु उन्होंने कहा कि सब कुछ सम्भव है। अकसर अनिर्धारित मुलाकातें भी खास बन जाते हैं। 


(Usha Tirkey)

13/01/2018 14:31