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रेडियो वाटिकन

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संत पापा फ्राँसिस \ प्रेरितिक यात्रा

चिली एवं पेरू को संत पापा का विडीयो संदेश

- RV

09/01/2018 16:31

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 9 जनवरी 2018 (रेई): संत पापा फ्राँसिस ने चिली एवं पेरू में अपनी आगामी प्रेरितिक यात्रा के पूर्व वहाँ के नागरिकों को एक विडियो संदेश प्रेषित कर उनका अभिवादन किया तथा कहा कि वे उनके पास सुसमाचार के आनन्द के एक तीर्थयात्री के रूप में आ रहे हैं ताकि उन्हें प्रभु की शांति बांट सकें एवं उनकी आशा को दृढ़ता प्रदान कर सकें। 

9 जनवरी को प्रेषित विडीयो संदेश में संत पापा ने कहा, "मैं आपसे मिलना चाहता हूँ, आपकी नजरों में नजर डालना, आपके चेहरों एवं क्षमताओं को देखना, ईश्वर के सामीप्य, उनकी कोमलता एवं दया जो हमारा आलिंगन करता एवं हमें आराम प्रदान करता है, उनका एक साथ अनुभव करना चाहता हूँ।"   

उन्होंने कहा, "मैं आपके देशों के इतिहास को जानता हूँ जो प्रतिबद्धता एवं समर्पण से बना है। मैं ईश्वर पर विश्वास एवं उनके स्नेह के लिए आपके साथ ईश्वर को धन्यवाद देता हूँ जिसके तहत आपने जरूरतमंद भाई बहनों की सहायता की है, खासकर, उन लोगों की जो समाज से बहिष्कृत हैं।"   

संत पापा ने फेंकने या नष्ट करने की संस्कृति पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि फेंकने की संस्कृति ने हर समय हम पर हमला किया है। मैं आपके आनन्द, दुःख, तकलीफ एवं आशा को बाँटना चाहता हूँ तथा आपको बतलाना चाहता हूँ कि आप अकेले नहीं हैं, संत पापा आपके साथ हैं, समस्त कलीसिया आपका स्वागत करती एवं वह आपकी ओर आशा भरी नजरों से देख रही है।"

संत पापा ने ईश्वर से शांति हेतु प्रार्थना करने की सलाह देते हुए कहा कि आपके साथ मैं ईश्वर से मिलने वाली शांति का अनुभव करना चाहता हूँ क्योंकि केवल वे ही हमें शांति प्रदान कर सकते हैं। यह हम सभी के लिए ख्रीस्त का वरदान है। शांति, न्याय पर आधारित होती है तथा हमें एकात्मता और सद्भाव के कार्यों को पूरा करने देती है। हमें इसके लिए प्रभु से हमेशा प्रार्थना करनी चाहिए। यह पुनर्जीवित ख्रीस्त की शांति है जो हमारी प्रेरिताई में आनन्द एवं साहस प्रदान करती एवं विश्वास के वरदान को सजीव बनाये रखती है जो हमें मुलाकात करने, विश्वास को मनाने एवं बांटने के लिए प्रेरित करती है।

संत पापा ने आशा बनाये रखने का परामर्श देते हुए कहा कि पुनर्जीवित ख्रीस्त के साथ हमारी मुलाकात हमें आशा में सुदृढ़ करता है। इसके द्वारा हम इस संसार की वस्तुओं से आसक्त रहना नहीं चाहते, हमारी नजरें उससे ऊपर उठतीं एवं उनकी दया पर टिकी रहती हैं जो हमारे घांवों को चंगा करते। वे हमसे एक ही निमंत्रण देते हैं कि हम उठकर आगे बढ़े। हमारे हाथों द्वारा ईश्वर के सामीप्य का स्पर्श करें जो हमारे समुदायों को जीवित बनाता, एक ऐसा समुदाय जो अपने आस- पास के लोगों तक पहुँचता है तथा मित्रता एवं भाईचारा हेतु ठोस कदम उठाता है। इस तरह हम ऐसे भाई बहन बनते हैं जो अन्यों से मुलाकात करने जाते तथा उनके विश्वास एवं आशा को मजबूत करने में मदद देते हैं।

संत पापा ने विडीयो संदेश में पेरू एवं चिली वासियों के लिए माता मरियम से प्रार्थना की तथा उनके सभी मनोकामनाओं को उनके चरणों सिपुर्द किया।

 


(Usha Tirkey)

09/01/2018 16:31