Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

संत पापा फ्राँसिस \ अंजेलुस व संदेश

संत पापा ने ख्रीस्तीयों को प्रोत्साहन दिया कि वे अपने बपतिस्मा दिवस को मनायें

- AP

08/01/2018 13:49

वाटिकन सिटी, सोमवार, 8 जनवरी 2018 (रेई): वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में रविवार 7 जनवरी को, येसु के बपतिस्मा महापर्व के दिन, संत पापा फ्राँसिस ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया। देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, अति प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात।

आज प्रभु के बपतिस्मा के पर्व द्वारा ख्रीस्त जयन्ती काल समाप्त होता है तथा यह हमें निमंत्रण देता है कि हम अपने बपतिस्मा पर चिंतन करें। येसु यर्दन में योहन द्वारा बप्तिस्मा लेना चाहते थे। जो पश्चाताप का बपतिस्मा था। इसके लिए वे उन लोग उनके पास आये, जिन्होंने पापों से क्षमा किये जाने की इच्छा व्यक्त की तथा ईश्वर की कृपा से वे एक नया जीवन शुरू करने हेतु प्रतिबद्ध हुए।

संत पापा ने कहा, "हम यहां येसु की महान विनम्रता को समझें जिन्होंने पाप नहीं किया था, किन्तु पश्चाताप करने वालों की पंक्ति में खड़े हुए, नदी के जल से बपतिस्मा लेने के लिए उनके साथ घुल-मिल गये।" उन्होंने कहा कि येसु में बहुत अधिक दीनता थी। ऐसा करने के द्वारा उन्होंने उस रहस्य को प्रकट किया जिसको हमने ख्रीस्त जयन्ती में मनाया। विनम्रता की नदी में डुबकी लगाने की येसु की तत्परता, मनुष्यों की कमजोरियों एवं खामियों को अपने ऊपर लेना, मुक्त होने की उनकी चाह में सहभागी होना तथा उन सबसे ऊपर उठना जो हमें ईश्वर से अलग कर देता है एवं हमें अपने भाई बहनों से अपरिचित बना देता है। बेलतेहेम की तरह यर्दन के किनारे भी ईश्वर मानव प्राणी के भाग्य को अपने ऊपर लेने की प्रतिज्ञा को पूरा करते हैं इसका ठोस और स्पष्ट चिन्ह हैं येसु। उन्होंने सबका ख्याल रखा और अब का हमारा भी ध्यान रखते हैं।

संत पापा ने संत मारकुस रचित सुसमाचार में येसु के बपतिस्मा की घटना पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा, "आज का सुसमाचार इस बात पर जोर देता है कि येसु "पानी से निकल ही रहे थे कि उन्होंने स्वर्ग को खुलते और आत्मा को कपोत के रूप में अपने ऊपर आते देखा। (मार. 1: 10)

पवित्र आत्मा जिसने सृष्टि के आरम्भ से कार्य किया है तथा मरूभूमि में लोगों की अगवाई करने में मूसा का मार्गदर्शन किया वह अब येसु पर उतरा ताकि इस संसार में उनके मिशन को पूरा करने के लिए सामर्थ्य प्रदान करे। यही आत्मा येसु के बपतिस्मा को रचने वाले हैं और हमारे बपतिस्मा को भी। वे हमारे हृदय की आँखों को सच्चाई के लिए खोल देते हैं, सम्पूर्ण सत्य के लिए। यह हमारे जीवन को प्रेम की राह पर ले चलते हैं। वे पिता के प्रकाश हैं जो हम प्रत्येक को हमारे बपतिस्मा के समय प्रदान किया गया है। पवित्र आत्मा ही हममें दिव्य क्षमाशीलता की कोमलता को लाता है और उसी आत्मा के बदौलत पिता के शब्द "तुम मेरा प्रिय पुत्र है" (पद.11) गूँजता है।

संत पापा ने सभी विश्वासियों को अपने-अपने बप्तिस्मा पर गौर करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा, "येसु के बपतिस्मा का पर्व सभी ख्रीस्तीयों को निमंत्रण देता है कि वे अपनी बपतिस्मा की याद करें।" उन्होंने कहा कि शायद वे अपने बप्तिस्मा की याद नहीं कर पायें क्योंकि अधिकतर लोगों ने एक बालक के रूप में बपतिस्मा ग्रहण किया। संत पापा ने सवाल करते हुए कहा, "किन्तु मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूँ क्या आप अपने बप्तिस्मा की तिथि याद करते हैं? क्या आप अपने बपतिस्मा के दिन को जानते हैं? इस पर चिंतन करें और यदि आप तारीख नहीं जानते अथवा उसे भूल गये हैं तब आप घर लौटिये अपनी माता, दादा-दादी, अथवा रिश्तेदारों से पूछिये कि वह कौन सी तारीख थी। हमें उस तारीख को हमेशा याद रखना चाहिए क्योंकि यह उत्सव की तारीख है हमारे आरम्भिक पवित्रीकरण की तिथि। यह वही तारीख है जिस दिन पिता ईश्वर ने हमें पवित्र आत्मा प्रदान किया था जो हमें आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करता। यह क्षमाशीलता का महान दिन है अतः हमें नहीं भूलना चाहिए कि मेरी बपतिस्मा की तिथि क्या है।

संत पापा ने माता मरियम का स्मरण दिलाते हुए उनसे प्रार्थना करने का आह्वान किया तथा कहा, "आइये हम अति निष्कलंक मरियम के ममतामय सुरक्षा की कामना करें ताकि सभी ख्रीस्तीय बपतिस्मा के वरदान को समझ सकें तथा पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के प्रेम का साक्ष्य निरंतर देते हुए जीवन जीने हेतु समर्पित हो सकें।"

इतना कहने के बाद संत पापा ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

देवदूत प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने देश-विदेश से एकत्रित सभी तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का अभिवादन करते हुए कहा, "मैं रोम के विश्वासी एवं इटली तथा विश्व के विभिन्न देशों के तीर्थयात्रियों का अभिवादन करता हूँ, खासकर, दक्षिण कोरिया एवं बियेल्ला के विश्वासियों का।"  

संत पापा ने येसु के बपतिस्मा महापर्व के अवसर पर 34 बच्चों को बपतिस्मा प्रदान किया जिन्हें सम्बोधित कर उन्होंने कहा, "इस साल भी, येसु के बपतिस्मा महापर्व के अवसर पर मुझे 34 बच्चों को बपतिस्मा प्रदान करने का आनन्द प्राप्त हुआ, उन पर तथा हाल में बपतिस्मा प्राप्त सभी बच्चों पर मैं ईश्वर की माता मरियम की ममतामय सुरक्षा का आह्वान करता हूँ ताकि अपने माता पिता, दादा-दादी एवं धर्म माता-पिताओं के अच्छे उदाहरणों द्वारा वे प्रभु के शिष्यों के समान बढ़ सकें।"

इसके उपरांत संत पापा ने शुभ रविवार की मंगलकामनाएं अर्पित करते हुए, सभी को नये वर्ष की सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दी एवं येसु के प्रकाश के लिए कृतज्ञता व्यक्ति किया जिसको उन्होंने खीस्त जयन्ती के समय प्रदान किया है।   

संत पापा ने विश्वासियों को पुनः स्मरण दिलाया कि वे अपनी बपतिस्मा की तारीख को खोजना तथा याद रखना न भूलें। अंत में उन्होंने प्रार्थना का आग्रह करते हुए भक्त समुदाय से विदा ली।

 


(Usha Tirkey)

08/01/2018 13:49