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मनिला में काथलिक महिलाओं द्वारा आवासहीनों की सहायता

प्रतीकात्मक तस्वीर - AFP

04/01/2018 15:40

मनिला, बृहस्पतिवार, 4 जनवरी 2018 (एशियान्यूज): मनिला में काथलिक कलीसिया के सामाजिक सिद्धांत एवं सुसमाचार के मूल्यों के आलोक में मानव प्रतिष्ठा की रक्षा हेतु काथलिक महिलाओं का एक दल आवासहीन लोगों को सशक्त करने के लिए प्रयासरत हैं।

पहल का नेतृत्व मिरियम कॉलेज के प्राध्यापक शेबा मर्तिनेज कर रही हैं उनके साथ कारितोन सशक्तिकरण केंद्र के संयोजक तथा स्वयंसेवक भी संलग्न हैं जो आवासहीन लोगों की जीविका हेतु कार्यक्रम चला रहे हैं तथा सहकारी समितियों का आयोजन कर रहे हैं।

दल का नाम "कारितोन" रखा गया है जो लकड़ी से बनी उस गाड़ी का नाम है जिसको आवासहीन लोग दिन के समय पुनर्चक्रण योग्य कचरों को सड़कों के किनारे से उठाते हैं तथा रात के समय यह उनके लिए शरणस्थल बन जाता है।

एशियान्यूज़ के अनुसार मनिला में करीब 4,000 से 5,000 परिवार फुटपाथ, पुल के नीचे अथवा कब्रिस्तान में रहते हैं।

कारितोन सशक्तिकरण केंद्र (के ई सी) का उद्देश्य है आवासहीन लोगों को खुद की मदद करने हेतु सहायता देते हुए पुनर्वास दिलाना एवं उन्हें सशक्त करना। स्वयं सहायता समूह का निर्माण करने के द्वारा वे चाहते है कि आवासहीन लोग अपनी परिस्थितियों का सामना अधिक रचनात्मक एवं उत्तरदायित्व पूर्ण तरीके से कर सकें।

के.ई.सी यह दृढ़ विश्वास करता है कि हर व्यक्ति पूर्ण प्रतिष्ठा एवं मानव अधिकार के साथ जीने के लिए सृष्ट किया गया है। वैश्विकरण एवं मौजूदा वैश्विक मुक्त बाजार प्रणाली ने धनी और गरीब के बीच की दूरी को बढ़ा दिया है तथा कुछ लोगों को संसाधनों एवं धन से वंचित कर दिया है।

यह दल जमीनी स्तर पर जागरूकता लाने, लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने एवं न्यायपूर्ण समाज के संघर्ष करने के लिए समर्पित है।

केईसी के एक सदस्य रोस देल रे ने कहा, "मैंने अपने एक मित्र के द्वारा केईसी के बारे जानकारी प्राप्त की। मैंने उसके कुछ सेमिनारों में भाग लिया। जिससे मुझे कई चीजों को सीखने में मदद मिली। मुझे मालूम हुआ कि मेरा अधिकार है तथा मुझे आत्म सम्मान की आवश्यकता है चाहे मैं गरीब ही क्यों न हूँ।"

उसने खाना बनाना भी सीख लिया जिसके द्वारा वह स्थानीय भोजनालय में काम कर सकती है।


(Usha Tirkey)

04/01/2018 15:40