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भारतीय धर्माध्यक्षों द्वारा वर्ष 2018 की शुभकामनाएँ

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सदस्य - RV

04/01/2018 16:15

भारत, बृहस्पतिवार, 4 जनवरी 2018 (रेई): भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन आपको ईश्वर की प्रचुर आशीष, उनकी शांति एवं आनन्द से पूर्ण नव वर्ष की शुभकामनाएँ अर्पित करता है। जब भारत एवं विश्व वर्ष 2018 में प्रवेश कर चुके हैं हम आशा एवं उत्साह के साथ आगे देख रहे हैं। हम हमारे प्यारे देश, हमारे राजनीतिक एवं आध्यात्मिक नेताओं तथा हर भारतीय के लिए प्रार्थना करते हैं कि 2018 एक शांति, सौहार्द, प्रेम, भाईचारा एवं समावेशी और सभी लोगों के समग्र विकास का वर्ष हो।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेनहास ने एक प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर कहा कि यद्यपि हम नये साल में प्रवेश कर चुके हैं धमकी देने वाली घटनाओं की एक श्रृंखला भारत की अवधारणा का स्थान ले रही है।

उन्होंने पूणे में दलितों पर हुए आक्रमण के प्रति खेद प्रकट करते हुए कहा, "हम महाराष्ट्र के पुणे में दलितों पर हमले की परेशान करने वाली सूचना से दुखी हैं।" समाचार पत्रों के अनुसार "भगवा ध्वज धारी एक दल ने दलितों की अध्यक्षता में 1818 के युद्ध में मरने वालों के लिए ब्रिटिश निर्मित स्मारक पर कथित तौर पर हमला किया। इस वार्षिक उत्सव पर अचानक हमला एक खतरे की घंटी है, हम हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। हम शांति और सौहार्द की कामना करते हैं।"  

सीबीसीआई महासचिव ने मध्यप्रदेश के वादिशा स्थित संत मेरी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में 4 जनवरी को एबीवीपी द्वारा हिन्दू धार्मिक अनुष्ठान की धमकी के मद्देनजर प्रार्थना की मांग की है जहाँ उनके द्वारा पहले भी आक्रमण हो चुके हैं।

इस बीच भारत के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा नियुक्त वकीलों की एक तथ्य खोज टीम ने बताया है कि छोटे ईसाई समुदाय भयभीत और चिंतित हैं। अन्य बातों में उन्होंने यह भी गौर किया है कि "बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ख्रीस्तीयों के विरूद्ध नारे लगाये तथा उन्हें गाली देने के लिए गंदे और अपशब्द का प्रयोग किया। उन्होंने सभी गुरूकुल छात्रों एवं पुरोहितों को एक-एक कर आगे बुलाया तथा हरेक का फोटो लिया एवं उनका फोन नम्बर नोट किया। इन सारी चीजों को पुलिस मुक दर्शक बनकर चुपचाप देखती रही। ऐसा लग रहा था कि पूरी घटना पुलिस के प्रायोजन के द्वारा निर्देशित बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी। पुलिस ने धर्मबंधुओं को बचाने के लिए कुछ नहीं की।

विज्ञाप्ति में कहा गया है कि हमारे देश में परम्परागत भाईचारा, शांति और सौहार्द को बनाये रखने के लिए यह हम सभी के लिए उपयुक्त अवसर है कि हम एकजुट हों। उन्होंने सभी नेताओं से अपील की है कि वे राजनीतिक में उन दलों पर ध्यान दें जो लोगों के बीच जहर फैलाने एवं घृणा के बीज बोने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भावी पीढ़ी को एक धर्मनिरपेक्ष देश देने के लिए अपना बलिदान दिया जहाँ मन स्वतंत्र एवं सिर ऊँचा रखा जा सके जबकि उस भावना को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास इस पीढी को माफ नहीं करेगी यदि हम उस धरोहर को खो देंगे जिसको उन्होंने अपना खून बहाकर प्राप्त किया था।


(Usha Tirkey)

04/01/2018 16:15