Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

कलीसिया \ भारत की कलीसिया

क्रूस ध्वस्त करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में एक धर्मबहन सहित आठ घायल

प्रतीकात्मक तस्वीर - AFP

03/01/2018 15:10

तिरुवन्तपुरम, बुधवार, 3 जनवरी 2018 (एशियान्यूज) : केरल की राजधानी तिरुवन्तपुरम में एक क्रूस ध्वस्त करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों और पुलिस के साथ संघर्ष में एक धर्मबहन सहित आठ कार्यकर्ता घायल हो गए।

यह घटना वन मंत्री के. राजू के आवास के पास 2 जनवरी को हुई। यह मार्च केरल के क्षेत्रीय लैटिन काथलिक कलीसिया की एक शाखा, लैटिन काथलिक महिला एसोसिएशन  द्वारा आयोजित किया गया था। एक गांव में पहाड़ में स्थापित क्रूस ध्वस्त कर दी गई थी। इसी के खिलाफ प्रदर्शन में महिलाओं के साथ दर्जनों धर्मबहनों और बच्चों ने भी भाग लिया।

राज्य में विपक्ष के नेता रमेश चेन्थाथाला ने पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल करने की निंदा की, जो कथित तौर पर महिलाओं को हटाने के लिए लाठी का इस्तेमाल किया था। राजनेता ने अपराधियों के खिलाफ जांच शुरू करने की बात कही।

केरल राज्य कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष एम.एम. हसन ने इस घटना की निंदा की है और सरकार पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने प्रदर्शन को दबाने के लिए बल का प्रयोग किया है। ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए तैनात अधिकारियों के बीच एक भी महिला पुलिस नहीं थी।

ईसाइयों और स्थानीय प्रशासन के बीच विवाद पिछले अगस्त में शुरु हुआ जब कुरिसुमला गांव के बोनाकोड के शिखर पर स्थापित क्रूस को तोड़ दिया गया था। बाद में उसी महीने, नेय्याट्टिक्कारा के धर्मप्रांत के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में वन मंत्री ने एक नया लकड़ी का क्रूस स्थापित करने की अनुमति दी थी। परंतु नवम्बर महीने में उसे भी फिर से तोड़ दिया गया।

इसलिए महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन कर इस कृत्य के जिम्मेदार लोगों को खोजने में देरी करने की शिकायत की। कार्यकर्ताओं ने मंत्री के निवास की रक्षा के लिए पुलिस द्वारा बनाये गये बाड़ को पार करने का भी प्रयास किया था।

स्थानीय धर्माध्यक्ष विंसेन्ट सामुएल ने अस्पताल का दौरा कर घायल लोगों से मुलाकात की। 


(Margaret Sumita Minj)

03/01/2018 15:10