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पाकिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच क्रिसमस

लाहौर के एक गिरजाघर के बाहर पहरा देते सुरक्षा बल - AFP

28/12/2017 16:01

इस्लामाबाद, बृहस्पतिवार, 28 दिसम्बर 2017 (एशियान्यूज़): पाकिस्तान के ख्रीस्तीयों ने साज- श्रृंगार, जगमगाते दीयों एवं गिरजाघरों के आसपास तैनात सशस्त्र सैनिकों की सुरक्षा में ख्रीस्त जयन्ती का महोत्सव आनन्द से मनाया तथा इस उत्सव को मनाने में उन्हें किसी तरह की बाधा नहीं हुई।

क्वेट्टा के मेथोडिस्ट चर्च में 17 दिसंबर को हुए हमले के बाद, पाकिस्तानी अधिकारियों ने किसी तरह की आतंकी हमले को रोकने एवं ख्रीस्तीयों के त्योहार को बिना किसी रूकावट के शांति के साथ मनाने हेतु ख्रीस्तीयों के सभी पूजा स्थलों में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया था।

एशियान्यूज़ के अनुसार मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान में ख्रीस्तीयों की संख्या 2 प्रतिशत से भी कम है जिन्हें बहुधा इस्लामी चरमपंथियों द्वारा भेदभाव एवं हिंसा का सामना करना पड़ता है। उनका शोषण कई तरह से किया जाता है। उनपर कार्यस्थलों में ईश-निंदा का गलत आरोप लगाया जाता है। उनके लिए सड़क की सफाई और कूड़ा-कर्कट जमा करने जैसी तुच्छ और सबसे अपमानजनक नौकरियां आरक्षित हैं।

अधिकारियों के ठोस पहल पर इस वर्ष इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर, कराचीं और क्वेट्टा में ख्रीस्त जयन्ती अच्छी तरह मनायी गयी। उच्च सरकारी अधिकारियों ने भी त्योहार में हिस्सा लिया। पाकिस्तान के राष्ट्रपति मामनून हुस्साएन और प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने संदेश भेजकर क्रिसमस की शुभकामनाएँ अर्पित कीं। 

यह विस्मित करने वाली बात थी कि आर्मी के प्रमुख अधिकारी कमार जावेद बाजवा ने रावालपिंडी के ख्राईस्ट गिरजाघर में ख्रीस्त जयन्ती के समारोह में हिस्सा लिया। यह वास्तव में असाधारण बात थी क्योंकि वे बहुत कम बार गैर-मुस्लिम धार्मिक समारोहों में भाग लेते हैं।

सोमवार को प्रकाशित पाकिस्तान सैनिक प्रेस द्वारा जारी विज्ञाप्ति में कहा गया था कि जेनेरल बाजवा ने पाकिस्तान के, न केवल निर्माण किन्तु उसके विकास हेतु ख्रीस्तीयों के योगदान को भी स्वीकार किया।


(Usha Tirkey)

28/12/2017 16:01