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संत पापा फ्राँसिस \ प्रेरितिक यात्रा

तेजगाँव के मदर तेरेसा आश्रम की भेंट

सन्त पापा फ्राँसिस तेजगाँव स्थित मदर तेरेसा आश्रम में, ढाका, 02.12.2017 - AP

02/12/2017 12:02

ढाका, शनिवार, 2 दिसम्बर 2017 (रेई, वाटिकन रेडियो): ढाका स्थित परमधर्मपीठीय राजदूतावास के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पण के उपरान्त शनिवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने यहाँ से आठ किलो मीटर दूर तेजगाँव में मदर तेरेसा आश्रम की भेंट की। आश्रम की देख-रेख करनेवाली श्वेत व नीली धारी वाली साड़ी पहनी धर्मबहनों और उत्साह एवं उमंग से भरे आश्रम के बच्चों ने गीत गाकर  सन्त पापा का भावपूर्ण स्वागत किया। 

तेजगाँव में मदर तेरेसा आश्रम की स्थापना सन् 1976 ई. में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी धर्मसंघ की संस्थापिका, कोलकाता की मदर तेरेसा द्वारा अनाथ बच्चों, परित्यक्त महिलाओं एवं वयोवृद्धों को आश्रय देने के लिये की गई थी। विशेष रूप से, स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा यौन शोषण और बलात्कार की शिकार बनाई गई महिलाओं के लिये मदर तेरेसा ने इस आश्रम की नींव रखी थी। सन् 1997 में मदर तेरेसा का निधन हो गया था तथा 2016 में काथलिक कलीसिया द्वारा वे सन्त घोषित की गई थी।

तेजगाँव के मदर तेरेसा आश्रम में सन्त पापा फ्राँसिस ने बच्चों, महिलाओं और साथ ही बीमार वृद्धों से भेंट की तथा उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने आश्रम को सन्त मदर तेरेसा की एक तस्वीर भेंट स्वरूप अर्पित की। यह तस्वीर करुणा को समर्पित वर्ष के उपलक्ष्य में इताली चित्रकार बारनापी द्वारा बनाई गई थी।

तेजगांव के मदर तेरेसा आश्रम की भेंट के उपरान्त सन्त पापा फ्राँसिस ने चिटागाँव के "होली रोज़री" गिरजाघर में पुरोहितों एवं बहनों से मुलाकात कर उनका आह्वान किया कि वे गपशप एवं मिथ्या बकवाद के प्रलोभन में न पड़ें जो समर्पित धर्मसंघी और धर्मसमाजी जीवन को तहस-नहस कर सकती है। अपने लिखित प्रभाषण से अलग हटकर सन्त पापा ने पुरोहितों एवं धर्मबहनों से कहा कि वे हृदय से उनके साथ बातचीत करना चाहते थे। उन्होंने कहा, "यह विकल्प उचित होगा अथवा नहीं मैं नहीं जानता हूँ किन्तु इतना तो निश्चित्त है कि यह कम उबाऊ होगा।"

पुरोहितों एवं धर्मबहनों से सन्त पापा ने कहा, "गपशप और बकवाद यदि बन्द धर्मसमाजी जीवन में प्रवेश कर जाये तो यह बम की तरह फूट सकता है।" उन्होंने कहा, "गपशप और बकवाद के फलस्वरूप कितने धर्मसमाजी समुदाय नष्ट हो गये हैं। मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव से कह सकता हूँ कि इसका फल है विनाश इसलिये कृपया अपनी ज़बान पर लगाम लगायें।"   


(Juliet Genevive Christopher)

02/12/2017 12:02