Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

संत पापा फ्राँसिस \ मुलाक़ात

सड़क और रेल पुलिस के अधिकारियों को संत पापा फ्राँसिस का संदेश

20 नवम्बर को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में सड़क और रेल पुलिस के लिए केन्द्रीय दिशा-निर्देश देने वाले अधिकारियों के साथ संत पापा फ्राँसिस - AFP

20/11/2017 16:11

वाटिकन सिटी, सोमवार 20 नवम्बर 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 20 नवम्बर को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में सड़क और रेल पुलिस के लिए केन्द्रीय दिशा-निर्देश देने वाले अधिकारियों से मुलाकात की।

संत पापा ने वाटिकन में उनका स्वागत करते हुए पुलिस अधीक्षक को उनके परिचयतथा स्वागत भाषण के लिए धन्यवाद दिया। संत पापा ने कहा कि हमारे देश के हर नागरिक को राज्य और समुदाय के नाम पर काम करने हेतु आपका आभारी होना चाहिए जो सड़कों और ट्रेनों पर यात्रा करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। दुनिया में यात्रा दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है कुशल और सुरक्षित गतिशीलता समाज के लिए एक प्राथमिक और अनिवार्य आवश्यकता बन गई जो विकास के साथ तालमेल रखने और सदस्यों की भलाई सुनिश्चित करती है।

सड़कों पर, नियमों के उल्लंघन का पता लगाने, यातायात को नियंत्रित करने, सुरक्षा और दुर्घटनाओं का पता लगाने का कार्य, सड़कों की जटिलता से आपको प्रतिदिन सामना करना पड़ता है। सड़क व्यवस्था की कमियों के साथ-साथ आधुनिकीकरण और सुरक्षा में पर्याप्त निवेश की आवश्यकता होती है, कई चालकों की जिम्मेदारी के निम्न स्तर को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है, जो अक्सर अपनी लापरवाही के गंभीर परिणामों को भी महसूस नहीं करते हैं उदाहरण के लिए सेल फोन का अनुचित उपयोग करना या अन्य लापरवाहियाँ।  यह सड़कों में बहुत ज्यादा ट्रफिक और एक प्रतियोगिता जीवन शैली के कारण होता है जो अन्य चालकों की बाधाओं को दूर करने के लिए सड़कों को, "फॉर्मूला वन" में बदल देता है और टैफिक लाइट का इशारा मिलते ही सभी इस तरह से प्रस्थान करते हैं जैसे परस्कार पाने के लिए दौड़ प्रतियोगिया में भाग ले रहे हैं। इस संदर्भ में, सुरक्षा को बढ़ाने के लिए प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं, लेकिन एक शिक्षाप्रद कार्रवाई की आवश्यकता है, जो बगल में यात्रा करने वालों के प्रति ज़िम्मेदारियों को अधिक जागरूकता प्रदान कर सके।

सड़क और रेल में, जागरूकता बढ़ाने और नागरिक भावना को बढ़ाने के लिए, आपके द्वारा लोगों और उनकी समस्याओं के प्रत्यक्ष संपर्क में हर दिन जमा किए गए अनुभव के सभी संभावित मुद्दों को लेना चाहिए।  काम पर लगे स्टाफ और बिजली संयंत्रों के बीच की सीधा संबंध आपको पूरे इलाके में एक निरंतर निगरानी का काम करने की सविधा देती है, जिसमें आप प्रबंधकों का कार्य, जैसे समन्वय सुनिश्चित करना, संपर्क के परिणाम और प्रतिक्रिया करना आदि आवश्यक है।

रेल और सड़कों में, पुलिस कार्रवाई की उच्च व्यवसायिकता और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है और इसलिए कानूनों और उपकरणों तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाना जरुरी हो जाता है। लोगों के साथ लगातार संपर्क करने का मतलब है कि आपके व्यावसायिकता की मात्रा न केवल आपके द्वारा आवश्यक उच्च कौशल से दी जाती है, बल्कि एक गहन धार्मिकता से भी - जो आपको अपने अधिकार और शक्ति का कभी गलत फायदा उठाने नहीं देती है।

नियंत्रण और दमन दोनों में, बल के उपयोग पर भरोसा करना महत्वपूर्ण है जो कभी भी हिंसा को स्वीकार नहीं करता है। इस प्रयोजन के लिए, उन्हें ज्ञान और आत्म-नियंत्रण की आवश्यकता होती है, विशेषकर जब पुलिस को एक अच्छे के अभिभावक के बजाय उनपर अविश्वास किया जाता है या एक दुश्मन के रूप में देखा जाता है।  दुर्भाग्यवश, यह एक व्यापक बुराई है, जो कुछ क्षेत्रों में सामाजिक ढाचों और राज्य के बीच एक विपरीत चरम पर पहुंचता है, साथ में उन लोगों के साथ जो इसका प्रतिनिधित्व करते हैं।

संत पापा ने कहा,″जिसतरह करुणा की जुबली वर्ष 2015  में पूरी कलीसिया का आह्वान किया था वैसे ही आज मैं आप लोगों को अपने कार्यों को पूरा करने में एक तरह की दया का सुझाव देता हूँ दया कमजोरी का पर्याय नहीं है, न ही बल के इस्तेमाल के त्याग की आवश्यकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह उस अपराध के दोषी व्यक्ति की पहचान नहीं कर पा रहा है जिसने अपराध किया है, जिसके फलस्वरुप  प्रतिद्वंद्विता की भावना पैदा होगी। इसका मतलब यह है कि आप अपने काम में लोगों के जरूरतों और उन कारणों को समझने का प्रयास करते हैं। यह आपको कमजोरी और दुःख की अनगिनत स्थितियों में भी दया का उपयोग करने के लिए कहता है, जो कि आप जरूरतमंद लोगों के साथ मिलकर भी रोज़ सामना करते हैं।

अंत में संत पापा ने कहा, मैं आपके संरक्षक संत महादूत मिखाएल के बारे कहना चाहता हूँ जो बाईबिल के प्रकाशना ग्रंथ में मिलती है उसने शैतान से लड़कर उस महिला की रक्षा की जिन्होंने उद्धारकर्ता को जन्म दिया (प्रकाशना 12: 1-6)। इस पाठ में हम पाते हैं कि अच्छे और बुरे के बीच संघर्ष में अच्छे ईश्वर और बुरे शैतान के पात्र हैं। अच्छे पूर्णता का प्रतिनिधित्व करते हैं जो मनुष्य के लिए अनुकूल है और दूसरे जो बुराई का अवतार लेते हैं तथा मानव अस्तित्व की सफलता का विरोध करते हैं।

आपका सामना उन लोगों से होता है जो समाज में विकार और बाधा पैदा करते हैं। अवैध रूप से बेईमानी कर  लोगों की खुशी और विकास  में बाधा पहुँचाते हैं।  विशेष रूप से युवा उल्लंघन के मामले में सबसे आगे हैं। इन लोगों के प्रति सम्मान और कर्तव्य की गहरी समझ के साथ किये जाने वाले मिशन की मैं सराहना करता हूँ और इसे जारी रखने हेतु शुभ-कामनायें देता हूँ।


(Margaret Sumita Minj)

20/11/2017 16:11