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विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

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कलीसिया \ विश्व की कलीसिया

ग़रीबों के साथ अपने आध्यात्मिक एवं भौतिक वरदानों को बाँटें, क्लारेशियन फादर

गरीब बच्चे - AFP

14/11/2017 15:59

रोम, मंगलवार, 14 नवम्बर 2017 (मैटर्स इंडिया): क्लारेशियन मिशनरियों के शीर्ष फादर मैथ्यू वात्तामात्ताम ने अपील की है कि विश्वभर में फैले धर्मसमाज के सभी सदस्य अपने आध्यात्मिक एवं भौतिक वरदानों को ग़रीबों के साथ साझा करें।

19 नवम्बर, ग़रीबों के लिए समर्पित विश्व दिवस के उपलक्ष्य में प्रेषित एक संदेश में उन्होंने कहा, ″उन लोगों के मानव मूल्यों को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठायें जो गरीबी के अलग-अलग रूपों को झेल रहे हैं।″ 

शीर्ष अधिकारी ने कहा कि क्लारेशियन मिशनरियों को ग़रीबों पर ध्यान देने में, संत पापा एवं कलीसिया के साथ एकात्मता दिखाना चाहिए। हमने ईश्वर से जो आध्यात्मिक एवं भौतिक वरदान प्राप्त किया है उसे आनंदपूर्वक ग़रीबों के साथ बांटना है।   

उन्होंने स्मरण दिलाया कि क्लारेशियन मिशनरी मुख्य रूप से ग़रीबों के लिए एवं ग़रीबों के बीच सेवा देने के लिए बुलाये गये हैं। उन्होंने कहा, ″हमारी जीवनशैली, गरीबों के प्रति हमारा मनोभाव तथा हमारे पास जो है उसके प्रयोग में, हम ग़रीबों के प्रति ईश्वर के प्रेम से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, ″मैं ग़रीबों के लिए समर्पित विश्व दिवस पर, हमारे व्यक्तिगत एवं सामुदायिक चिंतन तथा कार्य के लिए कुछ प्रस्ताव रख रहा हूँ। गरीबों के लिए विश्व दिवस पर संत पापा के संदेश को पढ़ें एवं उस पर चिंतन करें। प्रार्थना एवं सामुदायिक सभा हेतु समय निकालें ताकि हमारे मनोभाव, जीवन शैली तथा उस दस्तावेज में निहित मूल्यों के आधार पर विश्व के ग़रीबों का मूल्यांकन कर सकें।″

उन्होंने कहा, ″आइये, हम समाज में प्रतिष्ठित जीवन से वंचित भाई बहनों को माता मरियम के पवित्र हृदय को समर्पित करें तथा उनके निमंत्रण को सुने, ″वे जो कुछ कहें उसे सुनो।″ (यो. 2:5)

जून माह में प्रेषित अपने संदेश में संत पापा ने समस्त कलीसिया से अपील की थी कि भली इच्छा रखने वाले सभी भाई-बहनें उन लोगों की ओर ध्यान दें जो अपना हाथ पसारते एवं मदद तथा एकात्मता की गुहार करते हैं। यह दिन फेंकने की संस्कृति का बहिष्कार करने एवं मुलाकात की संस्कृति को स्वीकार करने हेतु विश्वासियों को प्रोत्साहन देता है।

साथ ही साथ सभी से अपील की जाती है कि एकात्मता एवं भाईचारा के ठोस चिन्ह द्वारा उदारता पूर्वक अपनी वस्तुएँ ग़रीबों के साथ साझा करें।


(Usha Tirkey)

14/11/2017 15:59