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बांग्लादेश: रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों के बीच कुपोषण की दर दोगुनी, यूनिसेफ

कॉक्स-बाजार के शरणार्थी शिविर में मानवीय सहायता प्राप्त करने के लिए इंतजार करते रोहिंग्या लोग - REUTERS

06/11/2017 16:06

काटुपालोंग, शनिवार 04 नवम्बर 2017 (रेई) : संयुक्त राष्ट्र बालकोष यूनिसेफ ने पिछले सप्ताह बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार, कुटुपलांग शरणार्थी शिविर में रोहिंग्या बच्चों और उनके परिवारों के पोषण संबंधी सर्वेक्षण कर आंकड़ें प्राप्त किये। जिसके अनुसार अत्यंत गंभीर कुपोषण दर 7.5% है मई 2017 में रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों में दर्ज की गई कुपोषण की तुलना में दर दोगुनी हो गई है।

बांग्लादेश में यूनिसेफ के प्रतिनिधि एडवार्ड बेइग्बेडर ने कहा, "शिविरों के रोहिग्या बच्चे - उत्तरी म्यांमार में राकिन राज्य में भयावहता के शिकार और एक खतरनाक यात्रा - पहले से ही एक तबाही के शिकार हैं। तीव्र कुपोषण से प्रभावित सभी लोग मौत के खतरे में हैं जबकि इसका इलाज किया जा सकता है।"

करीब 26.000 लोग  कुतुपालोंग के शिविरों में रह रहे हैं। भोजन, पानी और आवश्यक स्वास्थय सामग्रियों की कमी है। वे  दस्त और श्वसन संक्रमण की गंभीर बीमारियों का भी सामना कर रहे हैं। खसरे के भी मामलों की सूचना दी गई है। ज़रूरत से ज़्यादा भीड़ वाले कैम्पों और इलाक़ों में पहुँचने वाले शरणार्थियों को पीने का पानी तक भी नहीं मिल रहा है, बहुत से तो बीमार अवस्था में पहुँच रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि बांग्लादेश के कोक्स बाजार में बनाए गए शिविरों और वहाँ पहले से ही रहने वाले समुदायों में आने वाले महीनों के दौरान क़रीब 11 लाख लोगों को बुनियादी सामान की ज़रूरत पड़ेगी।


(Margaret Sumita Minj)

06/11/2017 16:06