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बंगालियों के मित्र मरिनो रीगोन एक जवेरियन पुरोहित का निधन

प्रतीकात्मक तस्वीर - AP

25/10/2017 16:36

ढाका, बुधवार 25 अक्टूबर 2017 (एशिया न्यूज) : बांग्लादेशी अपने प्यारे मित्र जवेरियन मिशनरी फादर मरिनो रीगोन के निधन पर शोकित हैं। जिनका निधन 20 अक्टूबर को इटली में हुआ। वे 92 वर्ष के थे और बांग्लादेश में उन्होंने 60 वर्षों तक एक मिशनरी के रुप में काम किया।

खुलना धर्मप्रांत के वार्ता एवं ख्रीस्तीय एकता वर्धक केंद्र के निदेशक फादर पियेतान्ज दोमेनिको मिम्मो ने एशिया न्यूज को बताया,″सन् 1925 ई. में इटली के विल्लावेरला में जन्मे फादर मरिनो बांग्लादेश आने वाले पहले जवेरियन दल में से थे। वे 1953 ई. में बांग्लादेश आये। उन्होंने बांग्लादेश की काथलिक कलीसिया को बहुत बड़ा योगदान दिया।″

बांग्लादेश जहाँ उन्होंने काम किया, वहीं दफन होने की इच्छा व्यक्त की थी। परंतु फादर मिम्मो के अनुसार यह निर्णय क्षेत्रीय श्रेष्ठ अधिकारी पर निर्भर करता है।

फादर मरिनो ने काथलिकों के बीच सुसमाचार प्रचार हेतु स्थानीय भाषा का प्रयोग किया।"वे एक महान लेखक और अनुवादक थे और इस वजह से अपने जीवन काल में उन्होंने कई साहित्यिक मान्यता प्राप्त कीं।"

फादर मरिनो बांग्लादेशी कवि रबींद्रनाथ टैगोर के एक महान विशेषज्ञ थे। उन्होंने टैगोर की 40 किताबों का इतालवी भाषा में अनुवाद किया। उन्हें साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।  

सन् 1971 में पश्चिम पाकिस्तान के साथ पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के मुक्ति युद्ध के दौरान अनेक घायल सैनिकों को आश्रय दिया। उनके इस कार्य ने ″देशवासियों का दिल" जीता।

60 वर्षों के मिशन में उन्होंने गरीबी से लड़ने, शिक्षा का विस्तार, चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने और गरीब महिलाओं की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2009 में, सरकार ने उन्हें बांग्लादेशी नागरिकता प्रदान की जो कुछ विदेशियों के लिए आरक्षित एक विशेषाधिकार है।

2012 में फादर मरिनो उन 61 गैर-बांग्लादेशी नागरिकों में से एक थे जिन्होंने राष्ट्र के जन्म के लिए अपने उत्कृष्ट योगदान हेतु सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त की थी।


(Margaret Sumita Minj)

25/10/2017 16:36