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रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

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कलीसिया \ भारत की कलीसिया

भारत के धर्माध्यक्षों से संत पापा की अपील

- RV

10/10/2017 17:24

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 10 अक्तूबर 2017 (रेई): संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार 10 अक्टूबर को एक पत्र प्रेषित कर, भारत की तीन रीतियों की कलीसियाओं के धर्माध्यक्षों से अपील की कि वे अपने धर्मप्रांतों के विश्वासों के पास प्रेरितिक देखभाल हेतु जाते हुए आपस में फलप्रद तथा सामंजस्यपूर्ण सहयोग करें जो कि देश के विभिन्न हिस्सों में फैले हैं।

उन्होंने लिखा कि भारत में ही, अतिव्यापी न्यायिक क्षेत्र को समस्याग्रस्त नहीं होना चाहिए, क्योंकि कलीसिया ने कुछ समय के लिए ऐसा अनुभव किया है, जैसा कि केरल में।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन, भारत की काथलिक कलीसिया की सर्वोच्च ईकाई है जो तीन स्वतंत्र कलीसियाओं लातीनी रीति और दो पूर्वी रीतियों (सिरो मलाबार और सिरो मलांकारा) की कलीसियाओं के धर्माध्यक्षों से गठित है। पूर्वी रीति की कलीसियाएँ प्रेरित संत थोमस द्वारा आरम्भ किये जाने का दावा करती हैं जिनमें 172 धर्मप्रांत हैं तथा लातीनी रीति में 132 धर्मप्रांत।

संत पापा ने लिखा, ″विश्व में जहाँ भारी संख्या में ख्रीस्तीय विस्थापित होने के लिए बाध्य हैं अतिव्यापी न्यायालय प्रथागत हो गयी है तथा विश्वासियों के मेषपालीय देखभाल में प्रभावशाली उपकरण बन गये हैं जबकि वे अपनी कलीसियाई परम्परा के प्रति भी पूरा सम्मान सुनिश्चित करते हैं।

अतः संत पापा ने वाटिकन के ऑरियंटल कलीसियाओं के धर्मसंघ को अधिकृत किया है कि वे सिरो मलाबार कलीसिया के लिए दो धर्मप्रांतों की स्थापना करें एवं दो अन्य के लिए सीमाओं का विस्तार करें। 


(Usha Tirkey)

10/10/2017 17:24