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कलीसिया रोहिंग्या लोगों के लिए हॉस्पिटल का स्थान बन सकता है, कार्डिनल रोजारियो

रोहिंग्या लोग नदी पार करते हुए - EPA

28/09/2017 17:01

ढाका, बृहस्पतिवार, 28 सितम्बर 17 (रेई): ढाका के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल पैट्रिक डी रोजारियो ने रोहिंग्या लोगों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कलीसिया रोहिंग्याई लोगों के लिए ″हॉस्पिटल स्थल″ बन सकता है जिनका रूदन मानवता का रूदन है। 

बंगलादेश के प्रथम कार्डिनल ढाका के महाधर्माध्यक्ष ने दो दिनों पहले जारी अपने संदेश में कहा कि वर्तमान परिस्थिति को निपटाने में उदारता पहली और सबसे महत्वपूर्ण चिंता है जो म्यांमार सेना और अराकन रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी द्वारा हिंसा से बचने के लिए म्यांमार के राखीन राज्य से भागने का प्रयास कर रहे मुसलमानों के लिए आवश्यक है।

ताजा जानकारी के अनुसार करीब 420,000 लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है तथा बंगलादेश की सीमा पार की है, खासकर, कोक्स बाजार क्षेत्र में, जिसका दौरा बंगलादेश के प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हाल में किया था। दौरे के अंत में हिंसात्मक कहानियों को सुनने के बावजूद उन्होंने कहा था कि शरणार्थियो को कभी न कभी अपना घर वापस लौटना होगा।

कार्डिनल ने संदेश में कहा है कि बंगलादेश की काथलिक कलीसिया, कारीतास के माध्यम से लोगों की मदद करने का प्रयास कर रही है तथा उन जरूरतमंद भाई-बहनों को प्रेम और दया दिखाने की कोशिश कर रही है। विश्व भर में कई लोगों पर, कई स्थलों पर एवं कई तरह से मानवता पर हमले हो रहे हैं।

ताजा हमला एवं मानवता के विरूद्ध अपराध म्यानमार के राखीन स्थित रोहिंग्याई लोगों के खिलाफ हुआ है, परिणामतः लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है जो बँगलादेश में जान बचाने के ख्याल से बिना किसी भावी आशा और कल्पना के प्रवेश कर रहे हैं। 

संदेश में उन्होंने कहा है कि हमले हो रहे हैं किन्तु मानवता पूरी तरह नष्ट नहीं हुई है उदाहरण के लिए, बंगलादेश ने पीड़ित लोगों के लिए अपनी सीमाओं को खोल दिया है। बंगलादेश ने न केवल सीमाओं को खोला है किन्तु बच्चों, महिलाओं, बूढ़ों, बीमार एवं घायलों तथा हज़ारों अजन्में बच्चों के लिए प्रेम और दया से अपना हृदय द्वार भी खोल दिया है। यह मानवता की मामता का उदाहरण है जिसको देश के प्रधान मंत्री शेख हसीना एवं देशवासियों ने प्रकट किया है। बंगलादेश गरीबी के बावजूद अपने मानव मूल्य की समृद्धि एवं सांस्कृतिक खजाना को बांट रही है।

बंगलादेश यदि बहुत कुछ नहीं कर पा रही है तो कम से कम अपना स्नेह एवं दया प्रकट कर दुनिया के अंतःकरण को जागृत करने का प्रयास अवश्य कर रही है तथा मानवता की ओर लौटने हेतु म्यानमार के अधिकारियों पर दबाव डालने की अपील कर रही है।

संदेश में उन्होंने संत पापा फ्राँसिस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जिन्होंने रोहिंग्याई लोगों का समर्थन हमेशा किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करीतास को भी धन्यवाद दिया जो उन लोगों की मदद कर रहे हैं।

उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय कलीसिया प्रार्थना के माध्यम से उन लोगों के करीब है जो किसी न किसी तरह से संकट की स्थिति में हैं, जो पीड़ित लोगों की मदद कर रहे हैं तथा जो उनकी भलाई की कामना करते हैं। कार्डिनल ने प्रार्थना की कि ग़रीबों की पुकार ईश्वर तक पहुँचे। 


(Usha Tirkey)

28/09/2017 17:01