Social:

RSS:

रेडियो वाटिकन

विश्व के साथ संवाद करती संत पापा एवं कलीसिया की आवाज़

अन्य भाषाओं:

विश्व की घटनायें \ एशिया

रोहिंग्या पर अंतर्राष्ट्रीय पूछताछ से म्यांमार नहीं डरता, आंग सान सू क्यी

रोहिंग्या उग्रवादियों द्वारा सशस्त्र बलों पर कुछ हमलों के बाद से देश की सेना ने गंभीर अभियान चलाया जिसमें सैंकड़ो लोग मारे गये और 4 लाख से भी अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को पड़ोसी देश बांग्लादेश की शरण लेनी पड़ी। - AFP

20/09/2017 18:36

यागून, बुधवार, 20 सितम्बर 2017 (एशियान्यूज) : ″म्यांमार रखाईन प्रांत में रोहिंग्या लोगों के खिलाफ हिंसा पर एक "अंतरराष्ट्रीय जांच" से डरता नहीं है।″ बर्मी नेता आंग सान सू क्यी ने मंगलवार को नाय प्यी टाव में एक टीवी संभाषण में कहा।

अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों ने बर्मी सेना द्वारा अपने देश के इस्लामिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाली हिंसा पर चुप्पी रखने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की आलोचना की है। संकट का प्रकोप होने के बाद उसने पहली बार मंगलवार को भाषण दिया था, उसने कहा कि हाल के हफ्तों में "गलत सूचना का विशाल हिमखंड" रहा है।

25 अगस्त के बाद से, रोहंग्या उग्रवादियों द्वारा सशस्त्र बलों पर कुछ हमलों के बाद से देश की सेना ने गंभीर अभियान चलाया जिसमें सैंकड़ो लोग मारे गये और 4 लाख से भी अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को पड़ोसी देश बांग्लादेश की शरण लेनी पड़ी।

नेता आंग सान सू क्यी ने सीधे सैन्य बल पर आरोप नहीं लगाया पर कहा कि 5 सितम्बर से क्षेत्र में "कोई सशस्त्र संघर्ष नहीं हुआ और कोई सफाई अभियान भी नहीं हुआ है।" जबकि संयुक्त राष्ट्र ने "जातीय सफाई" के रूप में अभियान की निंदा की है।

उन्होंने कहा,"हम नहीं चाहते कि म्यांमार धार्मिक आस्था या जातीयता के आधार पर विभाजित एक राष्ट्र हो.... हम सभी को हमारी विविध पहचान का अधिकार है। हम सभी मानवाधिकारों के उल्लंघन और अवैध हिंसा की निंदा करते हैं। हम पूरे देश में शांति, स्थिरता और कानून का शासन बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

संघर्ष में फंसे लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्होंने कहा, "मानवाधिकार उल्लंघन और अन्य सभी कृत्य जो स्थिरता और सामंजस्य बिगाड़ते हैं और कानून के शासन को कमजोर करते हैं, उनपर कड़े कानूनों और न्याय के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।"


(Margaret Sumita Minj)

20/09/2017 18:36