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पाकिस्तानी कलीसिया : म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के साथ एकजुटता

13 सितंबर, 2017 को कराची में रोहिंग्या मुसलमानों के इलाज के दौरान पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने म्यांमार सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। - AFP

13/09/2017 15:59

लाहौर, बुधवार 13 सितम्बर 2017(फीदेस) : ″म्यांमार में पीड़ित रोहिंग्या लोगों पर हमलों की कड़ी निंदा और मुस्लिम समुदाय के लिए एकजुटता और निकटता″  : उक्त घोषणापत्र पर पाकिस्तान के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष जोसेफ काउट्टस एवं शांति और न्याय हेतु गठित राष्ट्रीय कम्मीशन के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष जोसेफ अर्शाद ने हस्ताक्षर किया। फीदेस एजेंसी को भेजे पत्र अनुसार पाकिस्तान के धर्माध्यक्ष राजनेता आंग सान सू क्यी से आग्रह करते हैं कि वे "रोहंग्या लोगों के अधिकारों और शांति का प्रकाश स्तंभ" बने। उन्होंने म्यामार की प्रजातंत्र सरकार से अपील की है कि यथाशीघ्र रखाईन प्रांत में सभी सैन्य अभियानों को बंद करें

पाकिस्तानी धर्माध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय समुदायों नें सरकार से अर्ज की है कि "म्यांमार के कार्यकारी अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू करें ताकि वे रोहिंग्या मुसलमानों के मानवाधिकारों की रक्षा कर सकें और मानवतावादी संगठनों को प्रभावित लोगों की सहायता प्रदान करने हेतु अनुमति दें।"

पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि एशिया में कई मामलों में, जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यक उत्पीड़न और उत्पीड़न के शिकार हैं। रखाइन प्रांत से 300,000 से भी अधिक रोहिंग्या अपने प्राण बचाने के लिए बांग्लादेश में शरण लिये हुए हैं और महिलाओं और बच्चों सहित करीब 20 हजार से अधिक लोग बिना भोजन और पानी के पहाड़ों में आश्रय लिये हुए हैं, उन्हें तत्काल आवश्यक मानवीय सहायता प्रदान करने का आग्रह करते हैं।


(Margaret Sumita Minj)

13/09/2017 15:59