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मदर तेरेसा के समान बनें, संत पापा

अनाथ बच्चों की सेवा करती मदद तेरेसा - ANSA

05/09/2017 16:12

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 5 सितम्बर 2017 (रेई): 5 सितम्बर, संत मदर तेरेसा की 20वीं पुण्य तिथि पर संत पापा फ्राँसिस ने सभी लोगों का आह्वान किया कि हम उनके समान लोगों के लिए आनन्द और आशा का अवसर प्रदान करें।

उन्होंने मंगलवार को नौ भाषाओं में प्रेषित ट्वीट संदेश में लिखा, ″मदर तेरेसा के समान, हम भी उन सभी लोगों के लिए आनन्द और आशा के अवसर प्रदान करें, जो निरूत्साहित हैं और जिन्हें समझे जाने एवं स्नेह की आवश्यकता है।″ 

मिशनरीस ऑफ चैरिटी धर्मसंघ की संस्थापिका एवं गरीबों की माता, मदर तेरेसा की संत घोषणा 4 सितम्बर 2016 को वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में संत पापा फ्राँसिस द्वारा सम्पन्न हुई थी।

मदर तेरेसा को 1979 में नोबेल शांति पुस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वे एक ऐसी महिला थीं जिन्होंने येसु के प्रेम के लिए गरीबों की सेवा में एक असाधारण मिसाल पेश किया है।  

26 अक्तूबर 1985 को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पेरेज़ दी क्वेल्लार ने उन्हें ″विश्व की सबसे ताकतवर महिला″ कहा था। इस संज्ञा ने उन्हें निश्चय ही असहज महसूस कराया था जो अपने को ″ईश्वर के हाथों एक छोटी पेंसिल″ कहा करती थीं। एक छोटी पेंसिल करुणा के अमिट पन्नों पर लिख सकती है और यही उनके विश्वास की शक्ति थी जिसने गरीबों के लिए क्यूबा से लेकर सोबियत संघ तक द्वार खोले, उन स्थानों में भी जहाँ सबसे अधिक असंतोष की भावना थी।

4 सितम्बर को संघ घोषणा समारोह के अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने कहा था, ″हमें उन्हें संत तेरेसा पुकारने में थोड़ी हिचकिचाहट होगी क्योंकि उनकी पवित्रता हमारे इतने करीब, कोमल और फलप्रद है कि हम उन्हें सहज ही मदर तेरेसा पुकारते हैं।″

करुणा के लिए अथक रूप से काम करने वाली माता हमें अधिक से अधिक यह समझने में मदद दे कि हमारे कार्यों की हर कसौटी मुफ्त प्रेम हो, हर विचार एवं बंधन से मुक्त तथा भाषा, संस्कृति एवं धर्म पर किसी तरह का भेद किये बिना, सभी पर उंडेला जाए। मदर तेरेसा कहा करती थीं शायद में उनकी भाषा नहीं बोल सकती किन्तु उनसे अवश्य मुस्कुरा सकती हूँ।


(Usha Tirkey)

05/09/2017 16:12