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महत्त्वपूर्ण लेख \ विज्ञान पर्यावरण

देखभाल का अर्थ है चिंता करना और इस चिंता में है जिम्मेदारी

- RV

04/09/2017 15:28

मनिला, सोमवार, 4 सितम्बर 2017 (वीआर अंग्रेजी): ″हम पर्यावरण के साथ जैसा बर्ताव करते हैं, हमारे लिए भी वैसा ही प्रतिफल मिलता है।″ यह बात मनिला के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लुईस अंतोनियो ताग्ले ने 1 सितम्बर को सृष्टि हेतु विश्व प्रार्थना दिवस के उपलक्ष्य में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए कही।

अपने प्रवचन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानव एवं पर्यावरण एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि विश्व कई पर्यावरणीय कठिनाईयों का सामना कर रही है, जिसको रोका जा सकता था यदि लोगों को पर्यावरण के प्रति अपने कार्यों के परिणामों से अवगत कराया गया होता। हमें उसकी देखभाल करने एवं उसके प्रति जिम्मेदार होने के लिए होशियार बनने की आवश्यकता है, क्योंकि अंत में, हम उसी विनाशकारी संस्कृति द्वारा नष्ट कर दिये जाएगे जिसका हमने प्रचार किया है।

पारिस्थितिक संकट की चुनौतियों का सामना करने वाले प्रयासों पर प्रकाश डालने के लिए लगभग 2,000 लोग लुनेता पार्क में इकट्ठा हुए थे। यह सभा सृष्टि हेतु विश्व प्रार्थना दिवस के रूप में संत पापा के आह्वान का प्रत्युतर था।

इस अवसर को एक महीना, यानी पारिस्थितिकी के संरक्षक असीसी के संत फ्राँसिस के पर्व दिवस 4 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। वार्षिक रूप से मनाये जाने वाले इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे ताकि पल्लियों एवं समुदायों में पर्यावरण से संबंधित बातों के प्रति प्रोत्साहन दिया जा सके।

कार्डिनल ने कहा कि सृष्टि के दुष्प्रयोग के बीच, सभी ख्रीस्तीय पवित्रता के लिए बुलाये जाते हैं विशेषकर, सभी जीव-जन्तुओं की रक्षा करने के लिए। उन्होंने कहा, ″मैं सोचता हूँ कि हमारी प्रेरिताई का भाग आज तथा आने वाले सालों में पवित्रता के रूप में सृष्टि की देखभाल करने पर अधिक ध्यान देना है।″

अंतरराष्ट्रीय कारितास के अध्यक्ष कार्डिनल ताग्ले ने कहा कि सृष्टि के रक्षक होने का अर्थ है पड़ोसियों की चिंता करना और यह बहुत अधिक आत्मदमन की मांग करता है, खासकर, ″काम- वासना″ के विरूद्ध, न केवल संबंधों में बल्कि पर्यावरण के दोहन के विरूद्ध भी । किसी की देखभाल करने का अर्थ है उसके लिए चिंता करना और इस चिंता में जिम्मेदारियों को पूरा करना पड़ता है।

कार्डिनल ने खेद व्यक्त किया कि ‘चिंता करने की संस्कृति’ कई गलत देवी-देवताओं एवं झूठे सृष्टिकर्ताओं द्वारा आज दांव पर है। यह इतना आकर्षक ढंग से पैक कर दिया गया है कि हम सहज ही धोखा खा सकते हैं। इसके विपरीत, हम एक ऐसी संस्कृति को पसंद करते हैं जिसमें एक दूसरे के प्रति सच्ची चिंता हो तथा सच्चे ईश्वर की सृष्टि के प्रति सच्ची जिम्मेदारी।

कार्डिनल ने पर्यावरण की रक्षा करने की जिम्मेदारी को ग़रीबों की पीड़ा दूर करने से जोड़ते हुए सभी लोगों का आह्वान किया कि वे इसके लिए अपना महत्वपूर्ण सहयोग दें।

उन्होंने कहा, ″आइये, हम पृथ्वी की देखभाल करें इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा किन्तु खुद हमें इसका लाभ मिलेगा क्योंकि हम पर्यावरण के लिए जो करते हैं उसमें हम हमारे भाई -बहनों एवं ईश्वर के लिए करते हैं। आइये, हम ईश्वर की सृष्टि की रक्षा करें और यह हमारी रक्षा करेगी। 


(Usha Tirkey)

04/09/2017 15:28