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कर्नाटक के एक पेंतेकोस्टल ख्रीस्तीय पर धर्मांतरण का आरोप

प्रतीकात्मक तस्वीर - AFP

29/08/2017 16:10

मुम्बई, मंगलवार, 29 अगस्त 2017 (मुम्बई): कर्नाटक के पेंतेकोस्टल ख्रीस्तीय समुदाय के एक सदस्य दोराईराजु को धर्मांतरण के आरोप में 26 अगस्त को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

63 वर्षीय दोराईराजु को कोल्लामोग्रू कालमाकारू गाँव के लोगों ने घेर लिया, फिर पकड़कर स्थानीय पुलिस स्टेशन पर पहुँचाया गया। पुलिस ने आरोपियों की शिकायत का स्वागत करने के बाद सभी को घर भेज दिया। दोराईराज को दूसरे दिन पुलिस स्टेशन में उपस्थित होकर अपने पर लगे आरोप की सफाई देनी थी। दोराईराजु पर आरोप लगाया गया था कि उसे रूपये का लालच देकर धर्मांतरण करने का प्रयास किया है।

एशियान्यूज़ से बातें करते हुए ग्लोबल काउंसिल ऑफ इंडियन क्रिसचियन (जीसीसी) के अध्यक्ष साजन के जोर्ज ने कहा, ″वह ख्रीस्तीय व्यक्ति गाँव के घरों का दौरा करता था ताकि सुसमाचार सुना सके किन्तु उसने रूपया कभी नहीं दिया है।″

उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति को पहले भी,  जबरन धर्मांतरण का दोषी ठहराया गया था। संभवतः उस पर इसलिए विश्वास नहीं किया जाता है क्योंकि वह स्वयं एक धर्मांतरित व्यक्ति है। वह अपने गाँव का दौरा नियमित करता था जहाँ दलित रहते हैं तथा उनके लिए प्रार्थनाएं करता था। उसके इस दौरे को हिन्दूओं द्वारा पहले से ही संदेह की नजर से देखा जा रहा था। 

साजन जोर्ज से बतलाया कि उसके बैग की तलाशी पर धार्मिक वस्तुओं को पाकर गाँव के लोगों ने उसे पुलिस के पास लिया तथा उस पर रूपये का लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा किन्तु यह आरोप सही नहीं है। दोराईराज ने रिश्वत देने की कोशिश कभी नहीं की है। वह केवल सुसमाचार की शिक्षा को बांटना चाहता था। जो कि न तो आपराधिक है और न ही गैरकानूनी। लोगों ने खुद अपने घर के द्वार खोले अतः वहाँ किसी तरह की जबरजस्ती या हिंसा भी नहीं हुई थी और न ही उसने किसी गलत तरीके से घरों में प्रवेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उस ख्रीस्तीय के लिए अत्यन्त दुखद है कि उसे परिवारों का दौरा करने मात्र के लिए गिरफ्तार किया गया है। 


(Usha Tirkey)

29/08/2017 16:10